
ट्रांसपोर्टर्स की हड़ताल के पहले दिन सब्जियों की ढुलाई पर असर नहीं
सूरत
ऑल इंडिया मोटर्स ट्रांसपोर्ट कांग्रेस की शुक्रवार से शुरू हुई बेमियादी हड़ताल का सूरत समेत दक्षिण गुजरात में व्यापक असर रहा। सूरत के ट्रांसपोर्ट संगठनों के भी हड़ताल में शामिल होने से यहां पहले दिन दो हजार से ज्यादा ट्रकों के पहिए थम गए, जिससे 150 करोड़ रुपए से ज्यादा का कारोबार प्रभावित हुआ।
ट्रांसपोर्ट इंडस्ट्री से टीडीएस हटाने, टोल टैक्स खत्म करने, डीजल की बढ़ती कीमत और थर्ड पार्टी इंश्योरेंस की बढ़ती दर के विरोध में देशभर में ट्रांसपोर्टर्स शुक्रवार से हड़ताल पर उतर गए। सूरत के तमाम ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन हड़ताल में शामिल हैं। यहां टैक्सटाइल का कामकाज ज्यादा होने के कारण प्रतिदिन 400 से अधिक ट्रक अन्य राज्यों में जाते हैं, जो शुक्रवार को रुके रहे। इसके अलावा हजीरा के उद्योगों से प्रतिदिन निकलने वाले लगभग 1500 ट्रक भी नहीं चले। सूरत में ट्रकों की हड़ताल से पहले दिन 150 करोड़ रुपए से अधिक का व्यापार प्रभावित होने का अनुमान है। हालांकि सब्जियों आदि के आवागमन पर पहले दिन कोई असर नहीं दिखा, लेकिन हड़ताल लंबी चली तो इनकी ढुलाई पर भी असर पडऩे के आसार हैं।
सूरत टैक्सटाइल ट्रांसपोर्ट गुड्स एसोसिएशन के प्रमुख युवराज देसले ने बताया कि हड़ताल के पहले दिन सूरत शहर में टैक्सटाइल और हजीरा पट्टी के 2000 से अधिक ट्रक रुके रहे। फिलहाल कपड़ा बाजार में ज्यादा डिमांड नहीं है, इसलिए कपड़ा उद्योग पर हड़ताल का कम असर दिखाई दिया।
व्यापार चौपट
कपड़ा बाजार में पहले से व्यापार कमजोर है। ट्रांसपोर्ट हड़ताल से एक दिन पहले पार्सल की बुकिंग बंद हो गई। व्यापार और चौपट हो गया है। कपड़ा व्यापारी ट्रांसपोर्ट हड़ताल खत्म होने का इंतजार कर रहे हैं।
मनोज अग्रवाल, फोस्टा
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कई व्यापारियों का फिनिश्ड माल की डिलीवरी से इनकार
ट्रांसपोर्टर्स की हड़ताल को लेकर व्यापारियों में असमंजस का माहौल है। कई व्यापारियों ने दुकान में माल का स्टॉक हो जाने के भय से फिनिश्ड माल की डिलीवरी लेने से इनकार कर दिया है। कई दुकानदारों ने प्रोसेसर्स और वीवर्स को हड़ताल चलने तक ग्रे और फिनिश्ड माल की डिलीवरी नहीं भेजने की सूचना दे दी है। सूरत में टैक्सटाइल से जुड़े ट्रांसपोर्टर्स ने दो दिन से बुकिंग बंद रखी है। इसलिए व्यापारियों को भय है कि यदि हड़ताल ज्यादा चली तो दुकानों में माल का जमावड़ा हो जाएगा।
Published on:
20 Jul 2018 09:14 pm
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