21 मार्च 2026,

शनिवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

Invention; दो भाइयों ने बनाई 5 साल तक बिना खर्च चलने वाली मोपेड

राजसमंद के राहुल और राघव खंडेलवाल मोपेड लेकर सूरत पहुंचे

2 min read
Google source verification
Invention; दो भाइयों ने बनाई 5 साल तक बिना खर्च चलने वाली मोपेड

Invention; दो भाइयों ने बनाई 5 साल तक बिना खर्च चलने वाली मोपेड

सूरत. सड़कों पर फर्राटे से दौड़ती इ-बाइक सभी ने देखी होगी, लेकिन यह बात किसी के गले नहीं उतरेगी कि पांच साल तक किसी भी तरह के सर्विसिंग चार्ज के बिना भी कोई इ-बाइक चल सकती है। राजसमंद निवासी दो इंजीनियर भाइयों ने यह संभव कर दिखाया है। दोनों ने बैटरी चलित ऐसी मोपेड बनाई है, जो पांच साल तक बिना सर्विसिंग चलाई जा सकती है। दोनों भाई सोमवार को मोपेड लेकर सूरत पहुंचे। उन्होंने अपने आविष्कार के बारे में राजस्थान पत्रिका को बताया।


राजसमंद निवासी शिक्षक दम्पती के पुत्र राघव और राहुल खंडेलवाल में से एक आइटी इंजीनियर है तो दूसरा ऑटो मोबाइल इंजीनियर। दोनों ने क्लीन एन्वॉयरमेंट थ्रू ऑटोमेटिव (सेटा) के नाम से मोपेड का निर्माण किया है, जो दो घंटे में चार्ज होने के बाद सिर्फ 30 रुपए के खर्च से 80 किमी तक चलती है। यह पूरी तरह वाटरप्रूफ है। दोनों भाइयों का दावा है कि अब तक बनी बैटरी चलित मोपेड से यह काफी अलग है। यह दो सेकंड में 40 किमी की गति पकड़ लेती है और तीन सवारियां बैठाने के बाद भी एक टन की कार को खींचने में सक्षम है। इसमें उन्होंने चार एचपी पावर इंजन लगाया है और पूरी तरह कम्प्यूटराइज्ड तकनीक का उपयोग किया है। दोनों ने दावा किया कि सेटा पांच साल या 1 लाख किमी तक चलेगी। इसमें किसी तरह का रख-रखाव खर्च नहीं होगा। दो घंटे की चार्जिंग के बाद इसे 80 किमी तक चलाया जा सकता है। चार्जिंग में अधितकम ढाई यूनिट बिजली लगेगी। उन्हें यह मोपेड बनाने में करीब ढाई साल लगे। उन्होंने इसे पेेटेंट करवाया है और भविष्य में भारतीय बाजार में उतारना चाहते हैं। इसके लिए वह देश के विभिन्न शहरों में मोपेड के साथ पहुंच रहे हैं। राघव और राहुल खंडेलवाल ने बताया कि राजसमंद से सूरत की करीब 555 किमी की दूरी उन्होंने इ-बाइक पर सिर्फ 144 रुपए के खर्च में पूरी की।

दुपहिया वाहन में पहली बार रिवर्स की सुविधा


यह पहली मोपेड है, जिसमें रिवर्स की सुविधा भी है। खंडेलवाल भाइयों ने बताया कि कभी-कभी ऐसी जगह वाहन खड़ा कर दिया जाता है, जहां से वाहन पीछे नहीं जा सकता। इससे सबसे ज्यादा समस्या महिलाओं को होती है। इसलिए हमने इसमें रिवर्स की सुविधा दी है। सेटा में एक रिवर्स स्विच है, जिससे यह उल्टा चल सकती है।


इस तरह मिली प्रेरणा


राघव और राहुल ने बताया कि दोनों इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर रहे थे, तब मां के लिए उन्होंने इ-बाइक खरीदी थी, लेकिन एक-दो साल में ही बाइक में बैटरी की समस्या आने लगी। तभी दोनों ने सोचा कि क्यों न ऐसी इ-मोपेड का निर्माण किया जाए, जो लंबे वक्त तक बिना सर्विसिंग चल सके। उसके बाद दोनों ने यह मोपेड तैयार की।