सूरत. भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने सूरत महानगर पालिका के एक कनिष्ठ अभियंता व चपरासी को 35 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। ब्यूरो सूत्रों की माने तो वराछा जोन के विकास विभाग में कार्यरत कनिष्ठ अभियंता केयूर पटेल व कार्यालय के चपरासी निमेष गांधी ने शिकायत कर्ता से रिश्वत मांगी थी। शिकायत कर्ता ने अपने मकान की पहली व दूसरी मंजिल पर दो कमरों का निर्माण करवाया था। केयुर पटेल ने उसके निर्माण कार्य को अवैध बता कर तोड़ने की बात कही थी। शिकायतकर्ता ने ऐसा नहीं करने के लिए गुहार लगाई। इस पर केयूर व निमेष ने ऐसा नहीं करने के लिए 50 हजार रुपए की मांग की। जब पीडि़त ने इतने रुपए नहीं होने और कुछ कम करने के लिए कहा तो दोनों 35 हजार रुपए में कार्रवाई नहीं करने के लिए तैयार हो गए। उन्होंने मंगलवार रात शिकायत कर्ता को रूपए लेकर पुणागाम वार्ड ऑफिस पर बुलाया। शिकायतकर्ता उन्हें रिश्वत नहीं देना चाहते थे, इसलिए उन्होंने भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो में शिकायत की। ब्यूरोकर्मियों ने जाल बिछाया और केयूर को रिश्वत की राशि स्वीकारते हुए रंगे हाथों पकड़ लिया। उसके बाद निमेष को भी पकड़ लिया।