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UPSC : कार्तिक जीवाणी बना सूरत से पहला आइएएस

- गुजरात भर में हासिल किया प्रथम स्थान

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SURAT : कार्तिक जीवाणी बना सूरत से पहला आइएएस

सूरत.

सूरत के कार्तिक जीवाणी ने आइएएस परीक्षा उत्तीर्ण कर शहर का नाम रोशन किया है। कार्तिक ने यूपीएससी 2018 की परीक्षा में पूरे देश में 94वें और गुजरात में प्रथम स्थान हासिल किया है।
यूपीएससी की ओर से 5 अप्रेल को जारी परिणाम में गुजरात के 18 विद्यार्थी उत्तीर्ण हुए हैं। इनमें से एक सूरत के वराछा निवासी कार्तिक जीवाणी भी शामिल है। बिना कोचिंग किए कार्तिक ने यूपीएससी की परीक्षा पास करने में सफलता पाई है। कार्तिक ने वराछा के पी.पी.सवाणी और रायन इंटरनेशनल स्कूल से स्कूली शिक्षा पूरी करने के बाद मुंबई आइआइटी के मेकैनिकल ब्रांच से बी.टेक किया। इसके बाद यूपीएससी की तैयारी शुरू की। 2017 में पहली बार परीक्षा दी थी, लेकिन सफलता नहीं मिली। 2018 में इसके लिए पुन: प्रयास किया। इस बार कार्तिक को सफलता मिली। कार्तिक के पिता डॉ.एन.डी.जीवाणी वराछा में लेबोरेटरी चलाते हैं। कार्तिक को यूपीएससी के अलावा इंडियन फोरेस्ट सर्विस में देश में तीसरा और इंडियन इंजीनियरिंग सर्विस में 101वां क्रमांक मिला है।

- गुजराती में हासिल की शिक्षा
कार्तिक का कहना है कि आठवीं तक गुजराती में पढऩे के बाद आगे की पढ़ाई अंग्रेजी माध्यम में शुरू की। इसके बाद साइंस में अच्छे नंबर आने पर मुंबई आइआइटी के मेकैनिकल ब्रांच में प्रवेश लिया। उसमें सफलता मिलने पर यूपीएससी की तैयारी शुरू की। घर पर ही पूरी तैयारी की है। क्या पढऩा है, कितना पढऩा है, यह पहले तय कर लिया था। फिर रोजाना आठ घंटे पढ़ाई कर सफलता प्राप्त की है। मात्र इंटरव्यू के लिए दिल्ली में क्लास को ज्वाइन किया था।

- आइएएस पहली पसंद
कार्तिक का कहना है कि देश में 94वां स्थान मिला है। उसकी पहली पसंद आइएएस ही है और आइएएस ही बनूंगा।