20 जनवरी 2026,

मंगलवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

सब्जियों के दाम आसमान पर

कोरोना इफेक्ट- लॉकडाउन के कारण आवक हुई बंद तो महंगी हो गईं सब्जी और फल

2 min read
Google source verification

सूरत

image

Vineet Sharma

Mar 24, 2020

सब्जियों के दाम आसमान पर

सब्जियों के दाम आसमान पर

सूरत. बीते तीन-चार दिनों से सब्जियों और फलों की आवक का असर अब दिखने लगा है। लॉकडाउन के दौरान बाहर से सब्जी व फलों के आने की मात्रा कम हुई तो इसके दाम आसमान छूने लगे हैं।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हालांकि रविवार को जनता कफ्र्यू का आह्वान किया था, लेकिन कोरोना संक्रमण की बेकाबू होती स्थिति को देख गुरुवार देर रात मोदी के आह्वान के बाद शुक्रवार से ही लोगों ने घरों से निकलना सीमित कर दिया था। शनिवार से यह साफ तौर पर दिखने लगा था, जब सड़कों पर सन्नाटा पसरने लगा। इसका असर बाहर से आने वाली सब्जियों और फलों की आवक पर भी पड़ा। तीन-चार दिन में यह स्थिति और खराब हुई है। सब्जियों और फलों की आवक में भारी कमी आई है। लोग भी कोरोना के डर की वजह से घरों से बाहर निकलने में परहेज बरत रहे हैं। खासकर भीड़भाड़ वाले इलाकों में जाने से लोग बचने लगे हैं।

इसका असर सब्जियों और फलों के दाम पर देखा जा रहा है। मंगलवार को हालांकि कहीं-कहीं लारियों पर सब्जियां और फल बिकते दिखे, लेकिन इनके पास भी सब्जियों की पूरा स्टॉक नहीं था। शहर के कई इलाके ऐसे थे, जहां आलू, टमाटर, मटर आदि चुनीदा सब्जियां ही इन ठेलों पर थीं। सब्जी मंडी में भी दुकानें पूरी सजी देखने को नहीं मिलीं। इन दुकानों और लॉरी-ठेलों पर बिक रही सब्जियों के दामों में खासा इजाफा रहा। चार दिन तक जो आलू बीस रुपए किलो मिल रहा था, मंगलवार को उसके दाम 40 तक पहुंच गए। यही हाल टमाटर और दूसरी सब्जियों का रहा। फलों के दामों में भी बेतहाशा वृद्धि देखने को मिली। 35 से 40 रुपए किलो के बीच बिक रहा संतरा सौ रुपए तक पहुंच गया। अन्य सीजनल फलों के दाम भी आम आदमी की पहुंच से बाहर दिखे।

जानकारों के मुताबिक इसकी एक वजह लोगों को सब्जी मंडियों में जाने से बचना भी है। लोग भी जिस भाव सब्जी व फल मिलें उसी भाव पर जरूरतभर का खरीद रहे हैं। लोगों का यह भी आरोप है कि सब्जी विक्रेता लोगों की जरूरत का फायदा उठाकर कीमतों में इजाफा कर रहे हैं। हालांकि आवश्यक वस्तुओं की कोई कमी नहीं है, लेकिन प्रशासन की सतर्कता के बावजूद कुछ लोग इस मौके का फायदा उठा रहे हैं।