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VIJAYADASHAMI: 65 फीट ऊंचा रावण बनकर तैयार, आतिशबाजी का भी चलेगा दौर

-श्रीआदर्श रामलीला ट्रस्ट की ओर से वेसू स्थित रामलीला मैदान में रामलीला का मंचन जारी

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VIJAYADASHAMI: 65 फीट ऊंचा रावण बनकर तैयार, आतिशबाजी का भी चलेगा दौर

VIJAYADASHAMI: 65 फीट ऊंचा रावण बनकर तैयार, आतिशबाजी का भी चलेगा दौर

सूरत. शारदीय नवरात्र पर्व की पूर्णाहुति विजयादशमी पर्व के साथ बुधवार को होगी और इस मौके पर वेसू में वीआईपी रोड पर कटारिया मोटर्स के पास रावण दहन किया जाएगा। आयोजक श्रीआदर्श रामलीला ट्रस्ट की ओर से रावण दहन की तैयारियां पूरी हो चुकी है और मथुरा से आए एक दर्जन से अधिक कारीगर रावण के 65 फीट ऊंचे पुतले को अंतिम रूप देने में व्यस्त हैं।
श्रीआदर्श रामलीला ट्रस्ट की ओर से नवरात्र पर्व के उपलक्ष में गत 25 सितम्बर से वेसू के रामलीला मैदान में रामलीला महोत्सव का आयोजन जारी है। ट्रस्ट की ओर से हर बार की तरह इस बार भी विजयादशमी पर रावण दहन की तैयारियां पूरी कर ली गई है। रावण दहन के स्थल वेसू में वीआईपी रोड पर कटारिया मोटर्स के पास मथुरा से आए कारीगर 65 फीट ऊंचे रावण के पुतले को तैयार करने के बाद उस पर रंगरोगन करने में इन दिनों व्यस्त है। विजयादशमी बुधवार को सुर्यास्त वेला में रावण दहन कार्यक्रम को आकर्षक बनाने के लिए कारीगरों ने पुतले में सैकड़ों छोटे-बड़े गोले भी लगाए हैं, जो कि दहन के दौरान धमाके करेंगे। वहीं, पुतले के पास लगी दर्जनों बल्लियों पर रंगबिरंगी आतिशबाजी के आयटम और ढेर सारे बड़े अनार रोशनी बिखेरेंगे।

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सूरत. नवरात्र पर्व के उपलक्ष में श्रीआदर्श रामलीला ट्रस्ट की ओर से आयोजित रामलीला महोत्सव के नौवें दिन सोमवार को विभीषण शरणागति, रामेश्वर स्थापना, अंगद-रावण संवाद आदि प्रसंगों की लीला वृंदावन के श्रीहित राधावल्लभ रासलीला मंडल के रासाचार्य स्वामी त्रिलोकचंद शर्मा के सानिध्य में कलाकारों ने की। वेसू स्थित रामलीला मैदान में सीता माता की खोज कर हनुमानजी महाराज के लौटने के बाद वानर सेना ने लंका पर चढ़ाई की तैयारियां शुरू कर दी। उधर, रावण के आतंक से त्रस्त होकर भाई विभीषण भी प्रभु श्रीराम के शरणागत हो गए और बाद में प्रभु श्रीराम ने समुद्रदेव से लंका जाने के लिए मार्ग देने की अनुनय-विनय की। काफी मान-मनोव्वल के बाद भी नहीं मानने पर भगवान ने धनुष पर चाप चढ़ाया तो समुद्रदेव प्रकट हो गए और नल-नील दो वानर भाई के बारे में बताया। इसके बाद एक ओर समुद्र में रामसेतु बनने की तैयारियां शुरू की गई तो दूसरी तरफ रामेश्वर महादेव की स्थापना कर पूजा-आराधना की गई। बाद में वानरसेना लंका पहुंची और दशानन के दरबार में प्रभु के दूत बनकर अंगदराज पहुंचे और दोनों के बीच संवाद हुआ।

-रामलीला में आज00


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विजयादशमी उत्सव मनाएंगे


सूरत. राजस्थान राजपूत परिषद की ओर से विजयादशमी उत्सव बुधवार को परवत पाटिया में आईमाता रोड स्थित डॉ. श्यामाप्रसाद मुखर्जी हॉल में मनाया जाएगा। शाम साढ़े चार बजे से आयोजित उत्सव की शुरुआत में मां भगवती के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन, शस्त्र पूजन, अतिथि स्वागत, सांस्कृतिक कार्यक्रम, उद्बोधन व पुरस्कार वितरण आदि कार्यक्रम होंगे। राजस्थान राजपूत परिषद की ओर से आयोजित विजयादशमी उत्सव में मेहमान के रूप में वीर नर्मद दक्षिण गुजरात विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. किशोरसिंह चावड़ा, भरत केंसर हॉस्पिटल चेयरमैन डॉ. महेंद्रसिंह चौहान समेत अन्य कई महानुभाव मौजूद रहेंगे।