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VNSGU : पूरक परीक्षा पास करने वालों को मिलेगा प्रवेश

साइंस के विभिन्न महाविद्यालयों के विभिन्न विषयों की सीटों में भी बढ़ोतरी की

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VNSGU : पूरक परीक्षा पास करने वालों को मिलेगा प्रवेश

सूरत.

वीर नर्मद दक्षिण गुजरात विश्वविद्यालय ने गुजरात बोर्ड की पूरक परीक्षा पास करने वाले विद्यार्थियों को प्रवेश का अवसर दिया है। 12वीं सामान्य और विज्ञान वर्ग परीक्षा पास करने वाले विद्यार्थियों को 6 से 8 अगस्त तक प्रवेश फॉर्म भरकर सभी प्रमाण पत्रों का सत्यापन करवा लेने का निर्देश दिया गया है। मेरिट तैयार कर इन विद्यार्थियों को प्रवेश दिया जाएगा। विश्वविद्यालय ने साइंस के विभिन्न महाविद्यालयों के विभिन्न विषयों की सीटों में भी बढ़ोतरी की है।

कॉलेजों को फीस नहीं काटने के निर्देश
सूरत. वीर नर्मद दक्षिण गुजरात विश्वविद्यालय संबद्ध महाविद्यालयों में इन दिनों प्रवेश प्रक्रिया चल रही है। विद्यार्थी एक कॉलेज से दूसरे कॉलेज में स्थलांतरण करता है तो पहला कॉलेज विद्यार्थी की ओर से भरी गई फीस में से 10 से 20 प्रतिशत की कटौती कर फीस वापस कर रहा है। इस मामले में कई शिकायतें मिली हैं। विश्वविद्यालय प्रशासन ने महाविद्यालयों को निर्देश जारी किए हैं कि विद्यार्थियों को बिना काटे फीस वापस की जाए।

शैक्षणिक सत्र शुरू होने में देरी हो गई

राज्य के अन्य विश्वविद्यालयों के साथ प्रवेश, परीक्षा, वेकेशन और परिणाम जारी करने के उद्देश्य के साथ प्रवेश प्रक्रिया की शुरुआत की थी। प्रवेश प्रक्रिया देर तक चलने से शैक्षणिक सत्र शुरू होने में 30 दिनों की देरी हो गई है। कॉमर्स के बीकॉम, बीबीए और बीसीए पाठ्यक्रम में अभी तक प्रवेश प्रक्रिया चल रही है। कॉमर्स के महाविद्यालयों को मंगलवार दो बजे के बाद विद्यार्थियों को प्रवेश देने का वेबसाइट पर निर्देश जारी किया है। सभी को प्रवेश देकर शैक्षणिक सत्र शुरू करने की सूचना जारी की गई है। 15 अक्टूबर को प्रथम परीक्षा और फिर अक्टूबर के अंत में विश्वविद्यालय की परीक्षा का आयोजन करने की रूपरेखा है। साइंस संकाय में कुछ ही दिनों पहले शैक्षणिक सत्र शुरू किया गया है। साइंस में भी प्रवेश प्रक्रिया लंबी चली होने के कारण शैक्षणिक सत्र शुरू करने में देरी हुई है। विश्वविद्यालय ने इस साल भी प्रवेश प्रक्रिया में देरी के लिए सॉफ्टवेयर को जिम्मेदार ठहराया है। इस बार नए सॉफ्टवेयर के माध्यम से प्रवेश देना शुरू किया गया था, फिर भी इसमें देरी हो गई। इसका खामियाजा विद्यार्थियों को ही भुगतना पड़ेगा।