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VNSGU : एलआइसी रिपोर्ट पर सिंडीकेट में विवाद

सहमति नहीं बनने पर सिंडीकेट की बैठक बिना किसी फैसले के सम्पन्न

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सूरत.

वीर नर्मद दक्षिण गुजरात विश्वविद्यालय के सिंडीकेट सदस्यों ने कुलपति की ओर से नियुक्त एलआईसी पर नाराजगी जताई और महाविद्यालयों की एलआइसी रिपोर्ट का विरोध किया। महाविद्यालयों की मान्यता के प्रस्ताव पर सहमति नहीं बनने पर बुधवार को सिंडीकेट की बैठक बिना किसी फैसले के सम्पन्न हो गई ।
बैठक के एजेंडे में ज्यादातर महाविद्यालयों की मान्यता के मुद्दे शामिल थे। सिंडीकेट का एजेंडा 700 से अधिक पन्नों का था। एजेंडा सिंडीकेट सदस्यों को बैठक से कुछ दिन पहले ही मिला था। इसका विरोध शुरू हो गया था। सदस्यों का कहना था कि एलआइसी नियुक्त करने का अधिकार सिंडीकेट का है, लेकिन कुलपति ने सिंडीकेट के बिना ही एलआइसी नियुक्त कर दी। साथ ही एलआइसी के नियुक्ति में भी नियमों का उल्लंघन हुआ है। सिंडीकेट की बैठक में सदस्यों ने एलआइसी के मामले में कोई भी फैसला करने से इनकार कर दिया। इस मामले पर देर तक बहस चलती रही। महाविद्यालयों की मान्यता के मामले को लेकर 8 मई को फिर सिंडीकेट की बैठक बुलाने का फैसला किया गया। मान्यता के मामले में जल्द कोई रास्ता नहीं निकला तो इसका असर प्रवेश प्रक्रिया पर पड़ सकता है।
øøøबिना किसी फैसले के सिंडीकेट स्थगित होने पर कुलपति के कई समर्थक मैदान में उतर आए। विश्वविद्यालय के कई पदाधिकारी सिंडीकेट सदस्यों के खिलाफ हो गए। कुलपति डॉ.शिवेन्द्र गुप्ता के समर्थकों का कहना है कि इससे पहले डॉ.दक्षेश ठाकर कुलपति थे तब सिंडीकेट सदस्यों ने मिलकर एलआइसी नियुक्त करने का जिम्मा उन्हें सौंप दिया था। तब सिंडीकेट में ही यह निर्णय किया गया था। अब जब डॉ.गुुप्ता ने एलआइसी नियुक्त कि है तो विरोध करना गलत हैं। पदाधिकारियों ने सिंडीकेट सदस्यों पर ही तरह तरह के आरोप लगाना शुरू कर दिया है। सिंडीकेट में हुए विवाद के कारण कुलपति और सिंडीकेट सदस्यों में दरार आ गई है। एलआइसी को लेकर राज्यपाल तक शिकायत की गई है। सिंडीकेट सदस्यों का करना है कि राज्यपाल की ओर से सूचित किया गया है कि इस मामले में सबकी बात सूननी चाहिए। लेकिन कुलपति ने किसी की बात सूनी नहीं है। इसलिए सिंडीकेट बैठक में इसका विरोध हुआ। कॉलेज की मान्यता की रिपोर्ट पर कई सिंडीकेट सदस्यों ने चर्चा करने से साफ मना कर दिया।