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VNSGU :  न्यायालय ने वीएनएसजीयू को लगाई फटकार

- घनश्याम रावल मामले में विश्वविद्यालय की अधिसूचना पर हाइकोर्ट का स्टे
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VNSGU :  न्यायालय ने वीएनएसजीयू को लगाई फटकार

सूरत.

वीर नर्मद दक्षिण गुजरात विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ.शिवेन्द्र गुप्ता और सिंडीकेट सदस्य घनश्याम रावल के बीच कानूनी लड़ाई जारी है। विश्वविद्यालय की ओर से घनश्याम रावल के खिलाफ जारी अधिसूचना पर गुजरात उच्च न्यायालय ने स्टे लगा दिया है। साथ ही विश्वविद्यालय को फटकार भी लगाई है।
विश्वविद्यालय के सिंडीकेट सदस्य घनश्याम रावल के खिलाफ कुलपति डॉ.शिवेन्द्र गुप्ता को शिकायत की गई थी। रावल की डिग्री और इस डिग्री के आधार पर हासिल नौकरी और विश्वविद्यालय के विभिन्न पदों को गैैरकानूनी बताया गया। इस आरोप के बाद घनश्याम रावल और कुलपति डॉ.गुप्ता के बीच विवाद शुरू हुआ। डॉ.गुप्ता ने रावल को सभी पदों से हटाने की अधिसूचना जारी की। साथ ही सिंडीकेट बैठक में उनकी उपस्थिति पर रोक लगा दी। इस अधिसूचना के बाद रावल ने हाइकोर्ट में याचिका दायर कर ७ सितम्बर को स्टे हासिल किया। स्टे की कॉपी लेकर रावल सिंडीकेट की बैठक में पहुंचे। साथ ही रावल ने कुलपति डॉ.गुप्ता की डिग्री और उनकी योग्यता पर सवाल खड़े किए। कुलपति पद पर उनकी योग्यता के खिलाफ न्यायालय में याचिका दायर की। इसके बाद मामला कानूनी लड़ाई में बदल गया, लेकिन सिंडीकेट चुनाव पास आने पर फिर से डॉ.गुप्ता और उनके दल ने मिलकर रावल के खिलाफ कार्रवाई करना शुरू किया। सिंडीकेट चुनाव की अधिसूचना जारी होने से ठीक पहले रावल को पुन: सभी पदों से हटाने की विश्वविद्यालय प्रशासन ने अधिसूचना जारी की। इस अधिसूचना के जारी होते ही फिर रावल ने न्यायालय में याचिका दायर की। न्यायालय ने पुन: विश्वविद्यालय की अधिसूचना पर स्टे लगा दिया है। साथ ही विश्वविद्यालय को फटकार लगाई है कि जब न्यायालय की ओर से रावल को राहत दी गई तो फिर विश्वविद्यालय ने उन्हें पद से हटाने की अधिसूचना कैसे जारी की है। अदालत के आदेश का उलघंन किया जा रहा है।

कुलपति की योग्याता वाले मामले में सुनवाई
कुलपति के दल ने घनश्याम रावल के साथ साथ डॉ.महेन्द्र चौहाण के खिलाफ भी शिकायत की थी। दोनों ने मिलकर कुलपति के खिलाफ अदालत में याचिका दायर की है। कुलपति की योग्यता वाली याचिका पर 12 सितम्बर को न्यायालय में सुनवाई होगी।