
VNSGU : विशेष दीक्षांत समारोह 24 को, 5298 को दी जाएगी डिग्री
सूरत.
वीर नर्मद दक्षिण गुजरात विश्वविद्यालय में शुक्रवार को 49वें विशेष दीक्षांत समारोह का आयोजन किया जाएगा। इसमें 12 विभिन्न संकायों के 94 पाठ्यक्रमों में 5,298 विद्यार्थियों को डिग्री से सम्मानित किया जाएगा। समारोह में पदमश्री फूलबासन यादव मुख्य अतिथि के तौर पर उपस्थित रहेंगी।
विश्वविद्यालय में हर साल दो दीक्षांत समारोह आयोजित किए जाते हैं। मई में 49वें दीक्षांत समारोह में राष्ट्रपति रामानथ कोविंद ने विद्यार्थियों को डिग्री से सम्मानित किया था। इस समारोह में 28,763 विद्यार्थियों को डिग्री प्रदान की गई थी। शुक्रवार को 49वें विशेष दीक्षांत समारोह में आट्र्स संकाय में सर्वाधिक 21 पाठ्यक्रमों के 1408 विद्यार्थियों को डिग्री दी जाएगी। शिक्षा के 7 पाठ्यक्रमों में 170, साइंस के 8 पाठ्यक्रमों में 550, मेडिसिन के 22 पाठ्यक्रमों में 437, होम्योपेथी के 1 पाठ्यक्रम में 14, कॉमर्स के 12 पाठ्यक्रमों में 1868, आर्किटेक्चर के 1 पाठ्यक्रम में 14, कम्प्यूटर साइंस के 9 पाठ्यक्रमों में 309, रूरल स्टडीज के 2 पाठ्यक्रमों में 43, लॉ के 4 पाठ्यक्रमों में 465, मैनेजमेंट के 4 पाठ्यक्रमों में 17 और इंजीनियरिंग संकाय के 3 पाठ्यक्रमों में 3 विद्यार्थियों को डिग्री प्रदान की जाएगी। समारोह में 38 विद्यार्थियों को पीएचडी और 41 को एमफिल की उपाधि से भी सम्मानित किया जाएगा।
राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद मुख्य अतिथि के तौर पर उपस्थित
विश्वविद्यालय के कन्वेंशन हॉल में हुए दीक्षांत समारोह में राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद मुख्य अतिथि के तौर पर उपस्थित थे। गुजरात के राज्यपाल ओ.पी.कोहली, मुख्यमंत्री विजय रुपाणी, शिक्षामंत्री भूपेन्द्र सिंह चूड़ासमा, शिक्षा राज्यमंत्री वैभावरी दवे भी समारोह में शामिल हुए। राष्ट्रपति जैसे ही कन्वेंशन हॉल में पहुंचे, पुलिस बैंड की ओर से राष्ट्रगीत की धुन के साथ दीक्षांत समारोह का आगाज हुआ। राज्यपाल ओ.पी.कोहली ने वीएनएसजीयू के 12 संकायों के 28 हजार 763 विद्यार्थियों को 115 डिग्रियां देने की घोषणा की। समारोह में राष्ट्रपति के हाथों 7 विद्यार्थियों को मैडल और 3 को पीएचडी प्रदान की गई। विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए राष्ट्रपति ने कहा कि जनवरी में वीएनएसजीयू के कुलपति दीक्षांत समारोह के लिए उन्हें आमंत्रित करने आए थे। तब उन्होंने कहा था कि उनके अधिकार क्षेत्र में 148 केन्द्रीय विश्वविद्यालय आते हैं, राज्य के विश्वविद्यालय के लिए राज्यपाल हैं। वह केन्द्रीय विश्वविद्यालय के कार्यक्रम में नहीं जा पाते तो राज्य के विश्वविद्यालय में क्यों उपस्थित हों। तब कुलपति ने बताया कि वीएनएसजीयू दक्षिण गुजरात क्षेत्र में है। इसमें 35 हजार से अधिक आदिवासी विद्यार्थी पढ़ते हैं। मैं ऐसे बेटे-बेटियों से मिलने आया हूं। आपके बीच आकर प्रसन्नता हो रही है। राष्ट्रपति ने कहा कि डिग्री मिलने के बाद भविष्य संवारने के साथ समाज और देश के विकास को भी लक्ष्य बनाया जाए।
सूरत अंगदान सिटी भी
राष्ट्रपति ने कहा कि गुजरात ने महर्षि दयानंद सरस्वती, महात्मा गांधी और सरदार पटेल जैसे महानुभव देश को दिए हैं। साथ ही मोरारजी देसाई और नरेन्द्र मोदी जैसे प्रधानमंत्री भी दिए हैं। गुजरात के बिना भारत की विकास गाथा अधूरी है। भारत के आर्थिक विकास में सूरत का महत्वपूर्ण योगदान है। सूरत को हीरा और टैक्सटाइल उद्योग के लिए पहचाना जाता है। इसके साथ इसे अंगदान सिटी कहा जाए को अतिश्योक्ति नहीं होगी। सूरत ऐतिहासिक नगर है। 10 साल में इसकी प्रगति आश्चर्यचकित करने वाली है। देश के सभी हिस्सों से लोग यहां रोजगार के लिए आते हैं। इसलिए विश्वविद्यालय की जिमेमेदारी ओर बढ़ जाती है। ऐसे विद्यार्थी तैयार किए जाएं, जो देश को आगे बढ़ाएं।
28,763 विद्यार्थियों को डिग्री दी गई
पिछले साल दीक्षांत समारोह में 12 संकायों के 119 पाठ्यक्रमों में 31,810 विद्यार्थियों को डिग्री दी गई थी। इस साल 12 संकायों के 115 पाठ्यक्रमों में 28,763 विद्यार्थियों को डिग्री दी गई । पिछले साल के मुकाबले इस साल डिग्री लेने वालों की संख्या में 3 हजार से अधिक की कमी आई है। आट्र्स संकाय में सर्वाधिक ८७७६ विद्यार्थियों को डिग्री दी गई। शिक्षा में १३९५, साइंस में ५०६५, मेडिसिन में ५४२, होम्योपैथी में २५२, कॉमर्स में ८१८८, आर्किटेक्चर में १८८, कम्प्यूटर साइंस में २६३२, रूरल स्टडीज में ३१८, लॉ में १२८१, मैनेजमेंट में १२४ और इंजीनियङ्क्षरग संकाय में दो विद्यार्थियों को डिग्री प्रदान की गई। दीक्षांत समारोह में 109 विद्यार्थियों को पीएचडी और 52 किो एम फिल की डिग्री से सम्मानित किया ।
Published on:
22 Aug 2018 07:55 pm
बड़ी खबरें
View Allसूरत
गुजरात
ट्रेंडिंग
