
VNSGU : अब वीएनएसजीयू भी मी टू की चपेट में
सूरत.
वीर नर्मद दक्षिण विश्वविद्यालय भी मी टू की चपेट में आ गया है। विश्वविद्यालय की एक पूर्व एडहोक प्राध्यापिका ने ट्वीटर पर 13 साल पहले उसके साथ कथित दुव्र्यवहार का मामला शेयर किया है। इस ट्वीट ने विश्वविद्यालय में वर्षों पुराने मामले को चर्चा का विषय बना दिया है।
वर्ष 2005 में विश्वविद्यालय के एक विभाग की एडहोक प्राध्यापिका ने विभाग के कई प्राध्यापकों पर गंभीर आरोप लगाए थे। इनमें मानसिक रूप से परेशान करने और विभाग में हथियार लेकर आने का आरोप शामिल था। प्राध्यापिका ने कई लोगों से उसका नाम जोडऩे का आरोप भी लगाया था। उसकी शिकायत के आधार पर जांच के बाद मामले को रफा-दफा कर दिया गया था। अब जब देशभर में मी टू की चर्चा गरम है, प्राध्यापिका ने ट्वीट के माध्यम से यह मामला उठाया है और न्याय का इंतजार करने की बात कही है।
बेबसाइट पर जानकारी अपडेट कराने की फुर्सत नहीं
विश्वविद्यालय अनुदान आयोग की वेबसाइट पर आज भी डॉ. दक्षेश ठाकर वीर नर्मद दक्षिण गुजरात विश्वविद्यालय के कुलपति और डॉ. जे.आर. मेहता कुलसचिव हैं, जबकि यह दोनों काफी पहले रिटायर हो चुके हैं। वीएनएसजीयू प्रशासन को बेबसाइट पर जानकारी अपडेट कराने की फुर्सत नहीं है। वीर नर्मद दक्षिण गुजरात विश्वविद्यालय के कुलपति रहे डॉ. दक्षेश ठाकर का कार्यकाल 2017 में समाप्त हो गया था। अगस्त 2017 में डॉ. शिवेन्द्र गुप्ता को कुलपति नियुक्त किया गया। इससे पहले 2016 में डॉ. जे.आर. मेहता कुलसचिव पद से रिटायर हुए थे। उनकी जगह ए.वी. धडुक को कुलसचिव का पदभार सौंपा गया। वीएनएसजीयू की ओर से जानकारी अपडेट नहीं किए जाने से यूजीसी की वेबसाइट पर वीएनएसजीयू के कुलपति और कुलसचिव के तौर पर क्रमश: डॉ. दक्षेश ठाकर और डॉ. जे.आर.मेहता का नाम है। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग ने कई बार विश्वविद्यालयों को कुलपति, कुलसचिव की जानकारी अपडेट कर भेजने का आदेश दिया, लेकिन वीएनएसजीयू ने इस पर ध्यान नहीं दिया।
Published on:
17 Oct 2018 07:40 pm
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