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VNSGU : वीएनएसजीयू संबद्ध मात्र 51 ही नेक एक्रिडेटेट कॉलेज!

वीर नर्मद दक्षिण गुजरात विश्वविद्यालय (वीएनएसजीयू) ने कॉमन यूनिवर्सिटी एक्ट अंतर्गत नेशनल असेसमेंट एंड एक्रिडिटेशन काउंसिल (नेक) एक्रेडिटेड संबद्ध कॉलेजों से जानकारी एकत्रित करना शुरू किया है। जानकारी एकत्रित करने में एक चौकाने वाली बात सामने आई है, गुजरात का दूसरा सबसे बड़ा विश्वविद्यालय कहे जाने वाले वीएनएसजीयू संबद्ध 300 से अधिक कॉलेजों में से मात्र 51 ही कॉलेज नेक एक्रेडिटेड हैं।

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VNSGU : वीएनएसजीयू संबद्ध मात्र 51 ही नेक एक्रिडेटेट कॉलेज!

VNSGU : वीएनएसजीयू संबद्ध मात्र 51 ही नेक एक्रिडेटेट कॉलेज!

- दस्यों की नियुक्ति की प्रक्रिया शुरू :
इन 51 कॉलेजों में से समिति गठन के लिए 947 आवेदन जमा हुए हैं। कॉलेजों से मिले नामों की स्क्रूटनी कर चयन किए गए नामों को शिक्षा विभाग को भेजे जाएंगे। इन नामों के आधार पर विभिन्न समितियों का गठन किया जाएगा। दक्षिण गुजरात के वीएनएसजीयू सहित गुजरात के 11 सरकारी विश्वविद्यालयों में कॉमन यूनिवर्सिटी एक्ट को लागू किया गया हैं। इस एक्ट के अंतर्गत विश्वविद्यालयों के कार्य सुचारू रूप से चलाने के लिए अब समितियों का गठन करना और समितियों में सदस्यों की नियुक्ति की प्रक्रिया शुरू की गई है।
- मार्गदर्शिका के आधार पर नियुक्ति :
सरकार की मार्गदर्शिका के आधार पर ही समितियों का गठन व सदस्यों की नियुक्ति करने का आदेश है। प्राध्यापकों की नियुक्ति में उनके मार्गदर्शन में पीएचडी हुए विद्यार्थी, रिसर्च पेपर और पढ़ाने के अनुभव की गिनती के साथ सिनियोरिटी को ध्यान में रखना होगा। नेक मान्य कॉलेज के प्राध्यापकों को समिति में शामिल करने में प्राथमिकता देने का भी आदेश है। इस मार्गदर्शिका के आधार पर वीएनएसजीयू ने संबद्ध कॉलेजों से आवेदन मंगवाए। कॉलेजों से मिली जानकारी चौकाने वाली है। वीएनएसजीयू संबद्ध 300 से अधिक कॉलेज हैं, इनमें से मात्र 51 कॉलेज की नेक से मूल्यांकन करवाते हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि नेक मान्य कॉलेजों की संख्या कम होना भी विवि की ग्रेड कम होने का कारण दूसरा बड़ा कारण है।

- एक तिहाई महिलाओं को स्थान :
विवि को 26 कॉलेजों के प्राचार्य, कॉलेजों में से 626 प्राध्यापकों, कॉलेजों में से 181 विभागाध्यक्षों, विवि के 16 विभागाध्यक्षों और विभागों के 181 प्राध्यापकों ने आवेदन किए हैं। विवि के पास कुल 947 आवेदन आए हैं। विवि प्रशासन का कहना है कि मिले नामों की स्क्रूटनी की जाएगी। इसके बाद शिक्षा विभाग को नाम भेजे जाएंगे। इन नामों के आधार पर बोर्ड ऑफ मैनेजमेंट, एग्जीक्यूटिव काउंसिल, एकेडमिक काउंसिल, बोर्ड ऑफ डीन, बोर्ड ऑफ स्टडीज, बोर्ड ऑफ पोस्ट ग्रेजुएट एजुकेशन इन कॉलेज, बोर्ड ऑफ एग्जामिनेशन एंड इवैल्यूएशन और बोर्ड ऑफ रिसर्च के साथ कई समितियों का गठन किया जाएगा। इसमें एक तिहाई महिलाओं को स्थान देना होगा।