
VNSGU : विद्यार्थियों को मिल गई डिग्री, नहीं नजर आया कर्मचारियों का विरोध
सूरत.
वीर नर्मद दक्षिण गुजरात विश्वविद्यालय में शुक्रवार को 49वें विशेष दीक्षांत समारोह में 12 संकायों के 94 पाठ्यक्रमों में 5,298 विद्यार्थियों को डिग्री से सम्मानित किया गया। पद्मश्री फूलबासन यादव के हाथों विद्यार्थियों को पीएचडी और एमफिल की उपाधि प्रदान की गई।
विश्वविद्यालय के कन्वेंशन हॉल में विशेष दीक्षांत समारोह में पद्मश्री फूलबासन यादव मुख्य अतिथि के तौर पर उपस्थित थीं। कुलपति, उपकुलपति, कार्यकारी कुलसचिव के साथ सभी संकायों के डीन भी समारोह में मौजूद थे। समारोह में 12 संकायों के 94 पाठ्यक्रमों में 5,298 विद्यार्थियों को डिग्री से सम्मानित किया गया। साथ ही 38 विद्यार्थियों को पीएचडी और 41 को एमफिल की उपाधि से सम्मानित किया गया। फूलबासन यादव ने अपने संबोधन में विद्यार्थियों को महिला सशक्तिकरण के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि किस तरह उन्होंने संघर्ष कर अन्य महिलाओं के लिए जीने और रोजगार के अवसर बनाए। विश्वविद्यालय के अलग-अलग विभागों में विद्यार्थियों को डिग्री देने की व्यवस्था की गई थी।
28,763 विद्यार्थियों को डिग्री प्रदान की गई थी
विश्वविद्यालय में हर साल दो दीक्षांत समारोह आयोजित किए जाते हैं। मई में 49वें दीक्षांत समारोह में राष्ट्रपति रामानथ कोविंद ने विद्यार्थियों को डिग्री से सम्मानित किया था। इस समारोह में 28,763 विद्यार्थियों को डिग्री प्रदान की गई थी। शुक्रवार को 49वें विशेष दीक्षांत समारोह में आट्र्स संकाय में सर्वाधिक 21 पाठ्यक्रमों के 1408 विद्यार्थियों को डिग्री दी जाएगी। शिक्षा के 7 पाठ्यक्रमों में 170, साइंस के 8 पाठ्यक्रमों में 550, मेडिसिन के 22 पाठ्यक्रमों में 437, होम्योपेथी के 1 पाठ्यक्रम में 14, कॉमर्स के 12 पाठ्यक्रमों में 1868, आर्किटेक्चर के 1 पाठ्यक्रम में 14, कम्प्यूटर साइंस के 9 पाठ्यक्रमों में 309, रूरल स्टडीज के 2 पाठ्यक्रमों में 43, लॉ के 4 पाठ्यक्रमों में 465, मैनेजमेंट के 4 पाठ्यक्रमों में 17 और इंजीनियरिंग संकाय के 3 पाठ्यक्रमों में 3 विद्यार्थियों को डिग्री प्रदान की जाएगी। समारोह में 38 विद्यार्थियों को पीएचडी और 41 को एमफिल की उपाधि से भी सम्मानित किया जाएगा।
खाली रहीं वीआइपी सीटें
दीक्षांत समारोह में सिंडीकेट और सीनेट सदस्यों के साथ कई अन्य गणमान्य के लिए वीआइपी सीटें आरक्षित रखी गई थीं। ज्यादतर वीआइपी सीटें खाली नजर आई। सिंडीकेट और सीनेट के कई सदस्य समारोह में नहीं पहुंचे।
विरोध नजर नहीं आया
विश्वविद्यालय के प्रशासनिक कर्मचारियों ने चेतावनी दी थी कि उनकी मांगें पूरी नहीं होने पर दीक्षांत समारोह के दिन वह मास सीएल पर जाएंगे। साथ ही मांगों को लेकर विरोध भी करेंगे, लेकिन दीक्षांत समारोह में किसी तरह का विरोध नजर नहीं आया। प्रशासनिक कर्मचारी दीक्षांत समारोह और विश्वविद्यालय में उपस्थित थेे।
Published on:
25 Aug 2018 09:32 pm
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