
VNSGU : वीएनएसजीयू संबद्ध महाविद्यालयों में छात्रसंघ के चुनाव का इंतजार
सूरत.
वीर नर्मद दक्षिण गुजरात विश्वविद्यालय संबद्ध महाविद्यालयों में छात्र संगठन और विद्यार्थी चुनाव का इंतजार कर रहे हैं। दूसरी ओर मंगलवार को जीटीयू संबद्ध स्केट कॉलेज में महासचिव पद का चुनाव हो गया। इसके बाद शहर के महाविद्यालयों में फिर चुनाव की मांग उठने लगी है।
अठवा लाइंस के स्केट कॉलेज में मंगलवार को महासविच पद का चुनाव हुआ। स्केट जीटीयू से संबद्ध इंजीनियङ्क्षरग कॉलेज है। चुनान में निखार जैन के पैनल के सदस्यों ने जीत हासिल की। पैनल के ङ्क्षचतन शाह महासिचव, पार्थ डोंडा कलचरल सेक्रेटरी, स्कारलेट नोरोनहा लेजिस रिप्रेंजेटेटिव और अपूर्व टेलर स्पोट्र्स सेक्रेटरी पद के लिए चुने गए। दूसरी ओर वीएनएसजीयू संबद्ध शहर के महाविद्यालयों में चुनाव को लेकर अभी तक कोई फैसला नहीं किया गया है। कुलपति डॉ.शिवेन्द्र गुप्ता ने सभी संबद्ध महाविद्यालयों के प्राचार्यों से चुनाव के बारे में राय मांगी थी। सभी प्राचार्य चुनाव नहीं करवाने के पक्ष में हैं। महासचिव पद के चुनाव के बारे फैसला अटका हुआ है, जबकि छात्र संगठन और विद्यार्थी चुनाव का इंतजार कर रहे हैं। अब स्केट कॉलेज में चुनाव हुए तो वीएनएसजीयू संबद्ध महाविद्यालयों में फिर चुनाव की मांग शुरू हो गई है।
प्राचार्यों ने इलेक्शन की जगह सेलेक्शन की मांग की
वीर नर्मद दक्षिण गुजरात विश्वद्यालय संबद्ध महाविद्यालयों के प्राचार्यों ने इलेक्शन की जगह सेलेक्शन की मांग की है। प्राचार्यों का आरोप है कि चुनाव के बहाने छात्र संगठन महाविद्यालय परिसर में विवाद करते हैं। इस वजह से प्राध्यापकों, प्राचार्यों, संचालकों तथा विद्यार्थियों को परेशानी होती है। इस बारे में शनिवार को कुलपति को ज्ञापन देकर सलेक्शन का अधिकार महाविद्यालय प्रशासन को सांैपने की मांग की गई है।
वीएनएसजीयू संबद्ध महाविद्यालयों में महासचिव पद का चुनाव विवादित बनता जा रहा है। छात्र संगठन पिछले लंबे समय से चुनाव की मांग कर रहे हैं। इस संदर्भ में कई बार कुलपति को ज्ञापन भी सौंपें गए हैं। विश्वविद्यालय ने फरवरी में चुनाव करवाने का आश्वासन दिया है। फरवरी में चुनाव की घोषणा हो उससे पहले विश्वविद्यालय का प्राचार्य संगठन सक्रिय हो गया है। विश्वविद्यालय संबद्ध महाविद्यालय प्राचार्य संगठन ने शनिवार को कुलपति को ज्ञापन सौंपकर महाविद्यालयों में इलेक्शन के बजाय मेरिट के आधार पर सिलेक्शन करने तथा प्रति कक्षा एक प्रतिनिधि का चयन करने का जिम्मा कॉलेज प्रशासन को सौंपने की मांग की। इसके बाद चुने गए प्रतिनिधि चुनाव के जरिए महासचिव को चुनें। प्राचार्य इसे चुनाव के दौरान होने वाले हंगामों को रोकने की कवायद बताते हैं।

Published on:
22 Aug 2018 07:36 pm
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