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VNSGU : सिंडीकेट के सदस्यों ने खोला कुलपति के खिलाफ मोर्चा

न्यायालय के मामलों की जानकारी मांगी, विभिन्न समितियों की नियुक्ति और मिनिट्स पर उठाए सवाल

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VNSGU : सिंडीकेट के सदस्यों ने खोला कुलपति के खिलाफ मोर्चा

सूरत.

वीर नर्मद दक्षिण गुजरात विश्वविद्यालय के सिंडीकेट सदस्यों ने कुलपति के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए न्यायालय में हुए विभिन्न मामलों की जानकारी मांगी है। कुलपति की ओर से की गई समितियों की नियुक्ति और कई फैसलों पर सिंडीकेट में जवाब देने के लिए पत्र लिखा गया है।
विश्वविद्यालय में तीन नवम्बर को सिंडीकेट की बैठक होने वाली है। सिंडीकेट की पिछली चार बैठकों में कुलपति और सिंडीकेट सदस्यों के बीच कई मामलों को लेकर मनमुटाव हुआ था। कुलपति ने सिंडीकेट सदस्यों के खिलाफ कार्रवाई शुरू की और सिंडीकेट सदस्यों ने कुलपति को जवाब देने के लिए न्यायालय में याचिका
दायर की।
प्रधानमंत्री, राज्यपाल और शिक्षामंत्री से भी कुलपति की शिकायत की गई। इसका असर सिंडीकेट चुनाव में भी नजर आया। कुलपति ने उनके खिलाफ मोर्चा खोलकर बैठे सदस्यों को हराने के प्रयास किए, लेकिन कुलपति के खिलाफ खड़े उम्मीदवार चुनाव जीत गए। इन्हीं विजयी उम्मीदवारों ने फिर कुलपति के खिलाफ मोर्चा खोला है। छह महीने में कुलपति की ओर से किए गए निर्णयों, नियुक्त की गई समितियों, नकल के मामलों में किए गए फैसलों पर जानकारी मांगी गई है। साथ ही विश्वविद्यालय पर न्यायालय में हुए मामलों की जानकारी भी मांगी गई है कि मामला कौन लड़ रहा है और इनके लिए कौन कितनी फीस चुका रहा है। इसकी जानकारी सिंडीकेट की बैठक में देने के लिए सिंडीकेट सदस्यों ने कुलपति को पत्र लिखा है। कुलपति पर छह महीने के दौरान पिछली सिंडीकेट के मिनिट्स में बदलाव करने का आरोप भी लगाया गया है। पिछली सिंडीकेट के निर्णय औैर उनके मिनिट्स की जानकारी भी सिंडीकेट में देने की मांग की
गई है।

कुलपति के खिलाफ कई मामलों को लेकर मोर्चा खोल रखा है
विभागाध्यक्ष के एक, प्राध्यापक के एक, प्राचार्य के दो और सामान्य के पांच पदों के लिए मतदान हुआ। कुल 129 मतदाताओं के नाम मतदाता सूची में शामिल थे। इनमें सर्वाधिक मत प्राचार्यों के थे, जिन्हें अपने पक्ष में करने के लिए कुलपति पर भावेश और अन्य उम्मीदवारों ने आरोप लगाए थे। विश्वविद्यालय के प्रशासनिक भवन में दोपहर 12 बजे मतदान प्रक्रिया शुरू हुई। प्रशासनिक भवन के आस-पास पुलिस और अन्य सुरक्षाकर्मी तैनात थे। तीन बजे तक 126 लोगों ने मतदान किया। बाद में मतगणना शुरू हुई। सामान्य सीट पर भावेश रबारी सर्वाधिक 23 मतों से जीते। डॉ. कश्यप खरचिया को 18, संजय देसाई को 17, जयराम गामित को 14 और किरण घोघारी को 12 मत मिले। विभागाध्यक्ष पद पर अंग्रेजी विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ.राकेश देसाई 10 मतों से विजयी रहे। प्राध्यापक पद पर पी.टी.साइंस कॉलेज के डॉ.महेन्द्रसिंह महिड़ा 8 मतों से जीते। प्राचार्य पद पर एसपीबी कॉलेज के डॉ.वी.डी.नायक 19 और नवयुग साइंस कॉलेज के प्राचार्य डॉ. अश्विन पटेल 16 मतों से जीते। मतगणना शाम 6 बजे तक चली। जीत के बाद बधाई का दौर शुरू हो गया। एनएसयूआई से एकमात्र उम्मीदवार भावेश की जीत पर संगठन के कार्यकर्ताओं ने ढोल-नगाड़ों के साथ जीत की खुशी मनाई। बड़ी संख्या में एनएसयूआई के कार्यकर्ता विश्वविद्यालय में एकत्रित हुए। दूसरी ओर सामान्य सीटों पर एबीवीपी ने पांच उम्मीदवार खड़े किए थे। इनमें से दो उम्मीदवार जयराम गामित और किरण घोघारी विजयी रहे। भावेश और संजय देसाई के साथ डॉ.कश्यप ने भी कुलपति के खिलाफ कई मामलों को लेकर मोर्चा खोल रखा है। भावेश और संजय देसाई ने कुलपति की नियुक्ति को गैर-कानूननी बताते हुए उनके खिलाफ शिकायत की थी।