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तापी जिले के 112 गांवों में जलसंकट

दक्षिण गुजरात में पानी मुहैया कराने वाला तापी जिला आज खुद ही जलसंकट से जूझ रहा

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तापी जिले के 112 गांवों में जलसंकट

बारडोली. दक्षिण गुजरात में पानी मुहैया कराने वाला तापी जिला आज खुद ही जलसंकट से जूझ रहा है। जिले की सात में से छह तहसीलों के करीब 112 गांवों में आधिकारिक तौर पर पानी की समस्या बनी हुई है। जबकि अनौपचारिक स्तर पर यह आंकड़ा ज्यादा होने की संभावना है। मानसून के आगमन में देरी और कमी रहती है तो स्थिति विकट होने की आशंका है।
तापी जिला क्षेत्र में उकाई, काकरापार और डोसवाड़ा गांव में तीन बड़े जलाशय योजना कार्यरत है। यह योजना ही दक्षिण गुजरात को हरियाला बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका अदा करती है। दक्षिण गुजरात की भूमि के लिए आशीर्वाद रूप में यह बांध जिस जिले में है वो तापी जिला ही जलसंकट का सामना कर रहा है। पिछले एकाध महीने से जिले में जलसंकट गहरा रहा है। जिले की निझर, कुकरमुंडा, सोनगढ़, व्यारा, डोलवण, वालोड और उच्छल समेत कुल सात तहसीलें है। जिसमें से वालोड तहसील के सिवाय सभी छह तहसीलें पानी की समस्या से जुड़ रहे है। इन तहसीलों के करीब 112 गांवों में पानी पहुंचाने के लिए टेंकर का सहारा लिया जा रहा है। लेकिन इन गांवों तक पानी पहुंचाने के लिए सिर्फ 45 टैंकर कार्यरत है, जो काफी कम है। फिर भी प्रशासन सब सलामत होने की बात कह रहा है। टैंकर के अभाव में ग्रामीणों को दूर-दूर तक पानी के लिए पैदल या वाहन का सहारा लेकर जाना पड़ रहा है। कई गांवो मे तो 15-15 दिनों तक पानी नहीं पहुंचने की जानकारी भी लोगों से मिल रही है। जबकि प्रशासन रोजाना 45 टैंकरो के सहारे 200 फेरे लगाकर पानी मुहैया कराने का दावा कर रहा है, जबकि वास्तविक स्थिति कुछ और ही बयां कर रही है। उधर तापी जिले मे जलसंकट की समीक्षा करने आते नेता और मंत्री सिर्फ मीटिंग कर कागज पर खानापूर्ति कर जिले की वास्तविक स्थिति छुपा रहे है। तापी जिला जलसंकट निवारण समिति ने तो जिले में पैदा हुई स्थिति में सुधार नहीं हुआ तो सोमवार को उकाई डैम के मुख्य दरवाजे को बंद करने की भी चेतावनी दी है।


कुछ जगह ही दिक्कत


जिले मे पैदा हुए जलसंकट के बारे मे पूछने पर गुजरात पानी आपूर्ति बोर्ड के अधिकारी आरबी देशमुख ने बताया कि जिले के गांवों में कुछ मोहल्ले में ही जलस्तर नीचे जाने से पानी की समस्या है। पूरे गांव में समस्या नहीं है। गांव के जो मोहल्ले दूर है वहां पानी टैंकर से पहुंचाया जाता है। फिलहाल 112 गांवों में 45 टैंकरों से रोजाना अंदाजित 200 फेरे लगाकर पानी आपूर्ति की जा रही है।


तीन सौ फीट नीचे पहुंचा पानी


वहीं, क्षेत्रीय ग्रामीण तापी जिले में जलसंकट के बारे में बताते है कि जिले के ग्रामीण इलाकों में पानी तीन सौ फीट से नीचे पहुंच गया है। रसातल में पानी के पहुंच जाने से ही जिलेभर में पानी की समस्या पैदा हुई है। अब सबकुछ बारिश पर निर्भर है और मानसून समय से और पर्याप्त मात्रा में नहीं आता है तो बड़ी दिक्कत का सामना जिले के लोगों को करना पड़ सकता है।