
रोजाना 5 से 7 सेमी गिर रहा मधुबन डेम का जलस्तर
सिलवासा. इस बार मधुबन डेम तेजी से खाली हुआ है। डेम का जलस्तर डिस्चार्ज गेट के निम्न बिन्दु पर चला गया है। यह पहला मौका है कि मधुबन डेम बनने के बाद जलस्तर मानसून के आगमन से पहले 66 मीटर नीचे तक गिरा हो। डेम के दरवाजों का लेवल 65.86 मीटर है। गर्मी के कारण डेम से पानी की मांग बढ़ती जा रही है। डेम से रोजाना 5 से 7 सेमी जलस्तर की गिरावट आ रही है। अन्य ऋतुओं में यह गिरावट 4 से 5 सेमी तक रहती है। हालांकि डेम अधिकारियों के अनुसार मई-जून में डेम से सिंचाई व पेयजल की कमी नहीं रहेगी।
डेम अभियंता एनके चौधरी के अनुसार इस वर्ष गुजरात के सभी बांध पानी की किल्लत झेल रहे हैं, वहीं मधुबन डेम से मानसून तक सिंचाई और पेयजल के लिए पर्याप्त पानी बचा है। मानसून यदि देरी से आता है, तब भी पानी की किल्लत नहीं होगी। अन्य वर्षों की अपेक्षा इस साल डेम में पानी की गिरावट ज्यादा है। पानी की कमी को देखते हुए डेम पर स्थापित दोनों हाइड्रो पावर प्लांट 14 अप्रेल से बंद कर दिए हैं। यह प्लांट मानसून तक बंद रहेंगे। बिजली उत्पादन बंद होने से सरकार को 2.8 करोड़ का नुकसान हो रहा है। मानसून पूर्व डेम के गेट, जनरेटर, हाइड्रो पावर, वाल्व आदि सभी उपकरणों की मरम्मत की रही है। डेम के दरवाजे, डीजी सेट व अन्य उपकरणों का मानसून पूर्व निरीक्षण किया जाता है। भीषण गर्मी के चलते डेम से रोजाना दोनों नहरों में पानी छोड़ा जा रहा है।
दादरा नगर हवेली की शान है मधुबन डेम
मधुबन डेम दादरा नगर हवेली की शान है। डेम की संग्रह क्षमता कुल मानसून की 1/6 है, जो थोड़ी बारिश में ही भर जाता है। गत वर्ष सितम्बर के बाद बारिश नहीं होने से मधुबन डेम ओवर फ्लो होने से वंचित रह गया था। डेम से सिंचाई, पेयजल के साथ हाइड्रो पावर के लिए पानी की मांग बढ़ी है। मधुबन डेम से दादरा नगर हवेली के अलावा वापी, सरिगांव, उमरगांव, दमण और वलसाड के गांवों में सिंचाई व पेयजल की आपूर्ति होती है। मधुबन डेम पर दस दरवाजे बने हैं। आपातकाल के दौरान सभी गेट एक साथ खोले जा सकते हैं। मानसून से पहले डेम के दरवाजे, जनरेटर कक्ष, लेवल स्पॉट, हाइड्रो पावर आदि की मरम्मत व जांच की जाती है। डेम पर सुरक्षा के लिहाज से एक दर्जन सीसीटीवी कैमरे लगे हैं।
मुख्य नहरों से निकासी:-डेम से निकलने वाली बायीं नहर 33.40 किमी तथा दायीं ओर 45.54 किमी लम्बी हैं। यह नहरें गुजरात में 41 हजार, 23 हैक्टेयर, दानह में 7 हजार 44 हैक्टेयर तथा दमण में तीन हजार 71 हैक्टेयर सिंचित क्षेत्र को हराभरा रखती है। डेम के पानी से दानह के अलावा दमण के 26 पारडी के 78 उमरगांव के 37 तथा कपराड़ा के 6 गांवों का गला तर होता है।
Published on:
08 May 2019 11:12 pm
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