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सूरत. महाराष्ट्र और उकाई बांध के कैचमेंट एरिया में भले ही बारिश का जोर धीमा पड़ गया हो, लेकिन बांध में अब भी एक लाख क्यूसेक से अधिक पानी की आवक होने से बांध का जलस्तर बढक़र खतरे के निशान की ओर बढ़ रहा है। सोमवार शाम सात बजे बांध का जलस्तर 342.38 फीट था और खतरे के निशान 345 फीट से सिर्फ ढ़ाई फीट कम था। जिससे सोमवार सुबह से ही बांध से आवक के सामने उतना ही पानी तापी नदी में छोड़ा जा रहा है।
मानसून में गुजरात में बदरा गुजरात में पर मेहरबान रहें। जुलाई और अगस्त महीने में भारी बारिश के बाद सितम्बर महीने में भी अच्छी बारिश से उकाई बांध में नए नीर की आवक हुई। कैचमेंट एरिया के अलावा महाराष्ट्र और मध्यप्रदेश में हुई भारी बारिश के कारण भी बांध में बड़ी मात्रा में पानी आवक होने के साथ बांध 92 फीसदी तक भर गया है। उकाई बांध का खतरे का निशान 345 फीट हैं और फिलहाल बांध का जलस्तर 342.38 फीट पर पहुंच गया है। सोमवार को बांध में 1.24 लाख क्यूसेक पानी की आवक जारी रही तो उतना ही पानी बांध से छोड़ा जाता रहा। उकाई बांध से 1.24 लाख क्यूसेक पानी छोड़े जाने से तापी नदी का जलस्तर भी बढ़ गया है। वियर कम कोजवे 8.31 मीटर के जलस्तर के साथ बह रहा है।
एक सप्ताह देरी से मानसून की विदाई :
मौसम विभाग के मुताबिक, गुजरात से 25 सितम्बर को मानसून की विदाई हो जाती है, लेकिन इस बार 25 सितम्बर के बाद बारिश के आसार हैं। यानी एक सप्ताह मानसून आगे बढऩे की संभावना के साथ 2 अक्टूबर को मानसून विदाई ले सकता है।
Published on:
20 Sept 2022 12:59 pm
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