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Surat Video : दुग्ध दान के अनुभव पर माताओं ने क्या कहा ?

- शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता, अन्य माताएं भी आगे आएं - प्रधानमंत्री के जन्मदिन पर 95 यशोदाओं ने किया दुग्ध दान

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सूरत. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 73वें जन्मदिन पर रविवार को सूरत में सिटीलाइट अग्रसेन भवन के वृंदावन हॉल में दुग्ध दान शिविर आयोजित किया गया। इसमें करीब 95 यशोदाओं ने दूध दान किया। यशोदाओं ने दुग्ध दान के बाद कहा कि यह अनुभव शब्दों में कहा नहीं जा सकता। जरूरतमंद बच्चों के लिए अन्य माताओं को भी ऐसे शिविरों में हिस्सा लेना चाहिए।

अमृतम संस्था द्वारा आयोजित 30वें दुग्ध दान शिविर को लेकर संस्थापक कुंज पंसारी ने कहा कि शहर में भारी बारिश के बावजूद विभिन्न क्षेत्रों से 95 माताओं ने दूध दान किया हैं। यह दूध उन नवजात शिशुओं के लिए हैं, जिन्हें पौष्टिक दूध नहीं मिलता। यह दूध मिल्क बैंक के माध्यम से जरूरतमंद शिशुओं तक पहुंचाया जाता है। वर्ष 2008 से अमृतम संस्था स्मीमेर अस्पताल के सहयोग से मदर मिल्क डोनेशन कैम्प का आयोजन कर रही है। अब तक 8,21,550 मिली लीटर दूध एकत्र किया है और बोर्ड ने डेढ़ लाख से अधिक जरूरतमंद शिशुओं को यह दूध वितरित किया है। भविष्य में अमृतम संस्था एक निजी बैंक की स्थापना करेगी जिससे जरूरतमंद नवजात शिशुओं को दूध नि:शुल्क उपलब्ध कराया जाएगा। शिविर में हिस्सा लेने वाली माता सोनल पटेल ने कहा कि दुग्ध दान के अनुभव को शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता। अन्य माताओं को जागरूक होने की आवश्यकता है। क्योंकि यह अमृत शिशुओं के लिए बहुत जरूरी है और इससे उनका समग्र विकास होता है। वहीं, वकील मैत्री घाएल ने कहा कि वह पहले 4 से 5 बार दुग्ध दान कर चुकी हैं। जिन माताओं को किन्हीं कारणों से दूध नहीं आता है, उनके बच्चों के लिए यह दूध पौष्टिक आहार के रूप में मिलता है। अमृतम के साथ सूरत मोढ़ वणिक महिला मंडल, उमिया परिवार महिला विकास मंडल (उमियाधाम), श्री लाल चुडा कडवा पाटीदार महिला मंडल और 40 से अधिक महिलाओं की टीम ने शिविर को सफल बनाया है।