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भगवान विश्वकर्मा की मंत्रोच्चारण के बीच हुई प्राण-प्रतिष्ठा

मैरिन ड्राइव स्थित नवनिर्मित भव्य व विशाल मंदिर में भक्तिमय बना रहा वातावरण, मिष्ठानाधिवास, शैय्याधिवास के बाद रात 8 बजे हुई प्राण-प्रतिष्ठा

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Pranayraj rana

Mar 11, 2016

Lord Vishwakarma life prestige

Lord Vishwakarma life prestige

अंबिकापुर.
मैरिन ड्राइव स्थित नवनिर्मित भव्य मंदिर में भगवान विश्वकर्मा की प्राण-प्रतिष्ठा हुई। बनारस से आए पुरोहितों द्वारा विधि-विधान व वैदिक मंत्रोच्चारण के बीच रात 8 बजे प्राण-प्रतिष्ठा का कार्यक्रम संपन्न कराया गया। इसके पूर्व सुबह मिष्ठानाधिवास, शैय्याधिवास व हवन-पूजन का कार्यक्रम हुआ। इस दौरान विश्वकर्मा समाज के काफी संख्या में महिला-पुरुष श्रद्धालु उपस्थित रहे।



मैरिन ड्राइव स्थित भव्य व विशाल मंदिर में शुक्रवार को विधि-विधान व वैदिक मंत्रोचारण के बीच प्राण-प्रतिष्ठा हुई। अनुष्ठान की शुरूआत 8 मार्च को मंत्र जाप व कलश यात्रा के साथ हुई थी। 3 दिनों तक मंदिर परिसर में मंत्र जाप का कार्यक्रम चलता रहा। इस दौरान भगवान विश्वकर्मा का जलाधिवास, अन्नाधिवास, घृताधिवास, पुष्पाधिवास कराया गया।


शुक्रवार की सुबह से हवन-पूजन का कार्यक्रम चलता रहा। मिष्ठानाधिवास के बाद दोपहर डेढ़ बजे से विशेष पूजा प्रारंभ हुई। बनारस से आए पुरोहित वीरेंद्र पांडेय व उनके सहयोगियों द्वारा वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ पूजार्चना कराई गई। इस दौरान समाज के लोगों द्वारा भगवान विश्वकर्मा को नए-नए वस्त्र चढ़ाए गए।


पूजन पश्चात आरती के बाद भगवान विश्वकर्मा का शैय्याधिवास कराया गया। रात 8 बजे पुरोहितों के साथ दुर्गा शक्तिपीठ के महेश मुनी द्वारा भगवान विश्वकर्मा के नेत्र खोले गए। इस दौरान भगवान विश्वकर्मा की जय के नारों से पूरा परिसर गूंज उठा। प्राण-प्रतिष्ठा कार्यक्रम के दौरान 4 दिनों तक माहौल भक्तिमय बना रहा।


कार्यक्रम में दुर्ग, भिलाई, रायपुर सहित अन्य स्थानों से भी समाज के लोग पहुंचे थे। इस अवसर पर विश्वकर्मा सेवा समिति के अध्यक्ष राजेश विश्वकर्मा, सचिव उमेश्वर विश्वकर्मा, कोषाध्यक्ष नंदू विश्वकर्मा सहित विश्वकर्मा युवा ब्रिगेड के पदाधिकारी, कार्यकर्ता व काफी संख्या में समाज के महिला-पुरुष श्रद्धालु शामिल हुए।


महाभंडारा व सांस्कृतिक कार्यक्रम

शनिवार को पूर्णाहूति के बाद मंदिर परिसर में दोपहर 1 बजे से महाभंडारे का आयोजन किया गया है। वहीं दोपहर 3 बजे से सांस्कृतिक कार्यक्रम रखा गया है। इसमें बच्चे, महिला, युवक-युवतियां सहित समाज के अन्य लोग शामिल होंगे।

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