घर में तैयार करें राजस्थानी मलाई घेवर

सावन में खासकर तीज और रक्षाबंधन के अवसर पर खाए जाने वाले घेवर घर में भी तैयार किए जा सकते हैं।

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Published: 29 Mar 2018, 10:32 AM IST

सावन में खासकर तीज और रक्षाबंधन के अवसर पर खाए जाने वाले घेवर घर में भी तैयार किए जा सकते हैं। हालांकि इन्हें बनाने में थोड़ा वक्त जरूर लगता है, लेकिन यह बहुत ही स्वादिष्ट बनते हैं। मलाई घेवर राजस्थान की पारंपरिक मिठाई है। यहां पढ़ें मलाई घेवर की रेसिपी -

सामग्री -

मैदा - 2 कप (250 ग्राम)
घी - 1/4 कप (60 ग्राम) (बैटर में डालने के लिए)
दूध - ½ कप
चीनी - 1 कप (250 ग्राम)
इलायची - 5-6 (पाउडर)
केसर के धागे - 15-20
बादाम - 8-10 (बारीक कटे हुए)
पिस्ते - 10-15 (बारीक कटे हुए)
घी - तलने के लिए
रबडी़ - 250 ग्राम

विधि -

बैटर तैयार कीजिए
इसके लिए मिक्सर जार में द कप घी डाल दीजिए और चौथाई कप फ्रिज का ठंडा पानी डाल कर फैंट लीजिए। घी पानी के अच्छे से मिक्स हो जाने पर इसमें ½ कप दूध डाल कर मिक्सर को चला दीजिए और मिश्रण को अच्छे से फैंट लीजिए।

मिश्रण के अच्छे से मिक्स हो जाने के बाद मिक्सर जार में थोडा़ सा मैदा और थोडा़ सा पानी डाल कर मिश्रण को एक बार फिर से अच्छे से सभी चीजों के मिलने तक मिक्स कर लीजिए। मिश्रण के मिक्स हो जाने पर फिर से मिक्सर जार में थोडा़ और मैदा तथा पानी डाल कर मिक्सर जार चला दीजिए।

मिश्रण में बचा हुआ सारा मैदा डाल कर थोडा़ सा पानी डाल कर फिर से मिक्स कर लीजिए। मैदा-दूध और पानी का एकदम चिकना घोल बनकर तैयार है।

इस मिश्रण को ३-४ मिनिट तक बीच बीच में रूक रूक कर मिक्सर जार में चलाकर फैंट लीजिए। घोल की कन्सिस्टेन्सी इतनी पतली हो कि चमचे से घोल गिराने पर पतली धार से गिरे। इतना बैटर बनाने में पौने ३ कप पानी का उपयोग हुआ है।

बैटर को प्याले में निकाल लीजिए और नींबू का रस इसमें डाल कर मिक्स कर लीजिए। नींबू के रस से घेवर अच्छा क्रिस्पी बनकर तैयार होता है।

घेवर बनाइए
घेवर बनाने के लिए भगोने में घी डाल दीजिए और इसमें छोटे साइज का घेवर बनाने का सांचा भी रख दीजिए। घी भगोने में इतना होना चाहिए कि सांचे का १ सवा इंच भाग ऊपर से खाली रहे। घी को गरम होने दीजिए।

थोड़ा सा बैटर कप में निकाल लीजिए। घी के अच्छा गरम होने पर मैदा का घोल चमचे में भर कर बहुत ही पतली धार से इस गरम घी में डालिए, घोल डालने पर घी से उठे झाग ऊपर दिखाई देने लगते हैं, दूसरा चम्मच घोल डालने के लिए थोड़ा रुकिए, घी के ऊपर झाग खतम होने दीजिए और इसके बाद फिर से दूसरा चम्मच घोल भरकर बिलकुल पतली धार से घोल घी में डालिए, आप देखेंगे कि घी फिर से झाग से भर जाता है, झाग खतम करने के लिए फिर से रुकिए।

घेवर में बीच में बैटर डालने के लिए जगह बनाते रहें। इसके लिए किसी चमचे या लकड़ी की पतली डंडी से बीच से घोल हटाकर थोड़ी जगह बना सकते है और धीरे धीरे इसी जगह से घोल को डालते रहिये जब तक घेवर का आकार सही न हो जाए। साथ ही थोड़ा सा बैटर किनारों पर भी डाल दीजिए।

पर्याप्त घोल डालने के बाद घेवर को सभी तरफ से हल्का ब्राउन होने तक सिकने दीजिए। जब घेवर हल्का ब्राउन दिखने लगे तब घेवर को निकाल कर प्लेट पर रखी हुई छलनी पर रख दीजिए ताकि घेवर से अतिरिक्त घी थाली में नीचे की ओर निकल कर आ जाए। सारे घेवर इसी तरह तैयार करके थाली में घेवर एक ऊपर एक रख लीजिए।

इतने बैटर में 17-18 घेवर बन कर तैयार हो जाते हैं और १ घेवर को तलने में 5 से 6मिनिट का समय लग जाता है। घेवर को ठंडा होने दीजिए।

घेवर को मीठा करने के लिए चाशनी तैयार कीजिए:
केसर में थोड़ा सा पानी डाल कर रख दीजिए केसर अपना रंग छोड़ देगा। किसी बर्तन में 1 कप चीनी और 1/2 कप पानी डाल कर गैस फ्लेम पर चाशनी बनने रखिए। चीनी को पानी में घुलने तक पकने दीजिए। इसे बीच बीच में चलाते भी रहिए। चीनी के पानी में घुल जाने पर इसमें इलायची पाउडर डाल दीजिए। इसके बाद केसर डाल दीजिए और अच्छे से मिक्स कर दीजिए।

घेवर के लिए १ तार की चाशनी चाहिए। चाशनी को चैक कीजिए, चमचे से चाशनी की गिराते हुए देखें कि आखिर में कुछ बूंदे तार बनाते हुए गिर रही हो, चाशनी में १ तार बन रहा हो तो, चाशनी बन कर तैयार है, चाशनी को आप एक अन्य तरीके से भी चैक कर सकते हैं जिसमें, चमचे से 1-2 बूंद चाशनी की किसी प्याली में निकालिए, ठंडी होने के बाद, उंगली और अंगूठे के बीच चिपकाइए, चाशनी में 1 तार बन रहा हो तो, चाशनी बन कर तैयार है, गैस बंद कर दीजिए। चाशनी को गैस पर से उतार कर जाली स्टैंड पर रख दीजिए और हल्का सा ठंडा होने दीजिए। चाशनी में थोड़े से कटे हुए बादाम और थोड़े से कटे हुए पिस्ते डाल कर मिक्स कर लीजिए।

चाशनी के हल्की ठंडे होते ही घेवर को प्लेट में लगा दीजिए और चाशनी को चमचे से थोड़ा-थोड़ा घेवर के ऊपर सारी सतह पर डालिए, चाशनी को एक साथ सारा नहीं डालते हैं क्योंकि चाशनी घेवर को मीठा करती हुई नीचे निकल जाती है। आपको घेवर ज्यादा या कम जैसा मीठा करना हो उसके हिसाब से चाशनी डालते जाइए।

घेवर के ऊपर रबड़ी और कतरे हुए सूखे मेवे डालिए
घेवर के ऊपर एक परत रबड़ी की बिछाइए और ऊपर से कतरे हुए बादाम और पिस्ते डाल दीजिए। स्वादिष्ट घेवर बनकर तैयार हैं आप इन्हें परोसिए और खाइए।

फीके घेवर १ माह तक खाने के लिए उपयोग में लाए जा सकते हैं लेकिन मीठे घेवर 15-20 दिन तक उपयोग में लाए जा सकते हैं, लेकिन रबडी़ लगा देने के बाद इनको सिर्फ ३ दिन तक ही खाने के लिए उपयोग किया जाता है। ये ज्यादा लम्बे नहीं रखे जा सकते हैं।

अगर आप भी खाना बनाने के शौकीन हैं और कुछ ऐसी डिशेज बनाते हैं जिन पर आपको हर बार तारीफें मिलती हैं तो अब हम आपको अपनी इस कला के प्रदर्शन के लिए प्लैटफॉर्म देने जा रहे हैं। आप अपनी खास रेसिपीज पत्रिका डॉट कॉम के साथ शेयर कर सकते हैं। कंमेंट बॉक्स में अपनी रेसिपी हमें लिख भेजें। आप अपनी रेसिपी का वीडियो भी हमारे साथ शेयर कर सकते हैं। चुनिंदा रेसिपीज को पत्रिका डॉट कॉम पर फीचर भी किया जाएगा। तो देर किस बात की, लिख भेजिए हमें अपनी स्पेशल रेसिपी।

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