
इसके बाद भी पार्क प्रशासन की ओर से बाघ की मौत किसी बड़े बाघ के हमले से
होना बताया गया था। फिलहाल बाघ की मौत कैसे हुई इसका राज अभी तक नहीं खुल
पाया कि तब रविवार को दुधवा रेंज अन्तर्गत सोठियाना वन रेंज की कैमा चैकी
के निकट एक मादा हाथी का शव बरामद हो गया। हाथी के शव को देखने से ऐसा
मालूम हो रहा है कि उसकी हत्या की गई है। हाथी के दोनों बड़े-बड़े
दांत गायब नजर आए। एक ओर जहां लगातार हो रही वन्यजीवों की मौत से वन्यजीव
प्रेमियों को करारा झटका लगा है वहीं, पार्क प्रशासन की गस्त पर भी सवालिया
निशान लग गया है।
इस संबंध में जानकारी लेने पर दुधवा एसडीओ एनके उपाध्याय ने बताया कि
फिलहाल हाथी की मौत की खबर तो उन्हें मिली है, लेकिन जिस क्षेत्र में मौत
हुई है व मेरा नहीं है। इसलिए कोई ज्यादा जानकारी नहीं है।
पार्क सूत्रों
की माने तो हाथी विगत कई दिनों से अस्वस्थ चल रहा था, जिससे कारण उसकी
मौत हो गई है। फिलहाल हाथी के दांतों के बारे में जानकारी लेने पर बताया कि
हाथी की उम्र लगभग 35 साल की है। इस वजह से उसके दांत बहुत छोटे हैं और
दिखाई नहीं दे रहे हैं।
बताया जाता है कि सोमवार को तीन डाक्टरों के पैनल
द्वारा हाथी का पोस्टमार्टम कराया जाएगा। उल्लेखनीय है कि इससे पूर्व में
दुधवा के जंगल में एक गैंडे की मौत हो गई थी, जिसका पोस्टमार्टम पार्क
अधिकारियों ने रातों रात करा दिया था, जबकि पोस्टमार्टम की प्रक्रिया रात
को पूरी कराए जाने का प्रावधान नहीं है।
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