
फोटो सोर्स- पत्रिका
Lucknow to Delhi and Jhansi route disturbed: लखनऊ और कानपुर के बीच स्थित गंगा ब्रिज पर 42 दिनों के लिए मेगा ब्लॉक लिया जा रहा है। इस दौरान डाउन लाइन पर गाड़ियों का संचालन बंद रहेगा। इसी क्रम में मंडल रेल प्रबंधक (DRM Lucknow) ने आज कार्य स्थल गंगा ब्रिज का निरीक्षण किया और संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया। बातचीत करते हुए डीआरएम ने बताया कि पुरानी स्लीपर को बदलकर स्टील स्लीपर लगाए जाएंगे, जिसके लग जाने से गाड़ियों की स्पीड 30 से बढ़ाकर 75 और फिर 110 किलोमीटर प्रति घंटे की कर दी जाएगी। इधर जिला दैनिक यात्री संघ ने डीआरएम को कोरोना काल में बंद की गई ट्रेन को फिर से शुरू करने और मेमू ट्रेनों का संचालन शुक्लागंज से किए जाने की मांग की है। निरीक्षण के दौरान अन्य अधिकारी गण भी मौजूद थे।
उत्तर प्रदेश के लखनऊ, उन्नाव और कानपुर के बीच स्थित गंगा पुल पर एक बार फिर 42 दिनों का मेगा ब्लॉक लिया जा रहा है। इस दौरान ट्रेनों के आवागमन में बड़ा परिवर्तन किया गया है। कई गाड़ियां ऐसी हैं जिन्हें कानपुर में ही रोक लिया जाएगा और वहीं से इनका संचालन होगा। इसके अतिरिक्त, कई गाड़ियों के रूट में परिवर्तन किया गया है। इनमें लंबे रूट की गाड़ियां भी शामिल हैं, जिनमें नई दिल्ली से बरौनी, दरभंगा, उदयपुर सिटी-कामाख्या एक्सप्रेस, सूरत-मुजफ्फरपुर एक्सप्रेस सहित अन्य गाड़ियां शामिल हैं। अधिक जानकारी के लिए दिए गए लिंक पर क्लिक करें।
डीआरएम सुनील कुमार वर्मा ने बताया कि गंगा ब्रिज पर डाउन लाइन पर ब्लॉक प्लान किया गया है जो दो अप्रैल से शुरू होगा। रोज 8 घंटे के लिए ब्लॉक लिया जाएगा जो 42 दिनों के लिए है, जिसमें डाउन की गाड़ियां बंद रहेंगी। ब्रिज के ट्रफ को हटाया जाएगा। उसकी जगह नए स्लीपर लगाए जाएंगे। लेटेस्ट स्टील स्लीपर लगाए जाएंगे। काम पूरा होने के बाद गंगा ब्रिज पर की डाउन लाइन पर गाड़ियों की स्पीड 30 से बढ़कर पहले 75 और फिर फुल स्पीड 110 कर दिया जाएगा।
जिला दैनिक यात्री संघ ने डीआरएम को ज्ञापन दिया है, जिसमें उन्होंने 6 सूत्री मांगें रखी हैं। इसमें 2 अप्रैल से 13 के बीच मेमो ट्रेन शुक्लागंज से चलाई जाने की मांग भी शामिल है। इसके अतिरिक्त कानपुर से बनारस जाने वाली इंटरसिटी ट्रेन, कानपुर से अयोध्या चलने वाली इंटरसिटी ट्रेन के पुनः संचालन की मांग की गई है। कोरोना काल में बंद की गई मेमू ट्रेनों को फिर से शुरू करने, दो और तीन नंबर के पूरे प्लेटफार्म पर सेड लगवाने की मांग शामिल है। जिलाध्यक्ष मुर्तजा हैदर रिज़वी ने बताया कि उनके मांग पत्र पर डीआरएम ने आश्वासन दिया है।
Published on:
28 Mar 2026 05:39 pm
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