जबलपुर। रेल प्रशासन ने प्लेटफॉर्म में यात्री सुविधा में विस्तार की आवश्यकता होने पर उस प्लेटफॉर्म में आने वाली ट्रेनों का प्लेटफॉर्म ही बदल दिया। मामला मदनमहल स्टेशन का है। जहां, प्लेटफॉर्म-2 में यात्री सुविधाओं की कमी है। लंबे समय से स्टेशन के साथ ही प्लेटफॉर्म-2 में यात्री सुविधा में विस्तार की मांग की जा रही है। आधिकारियों ने प्लेटफॉर्म के विकास के बजाय उस पर आने वाली ट्रेनों का रुख अपेक्षाकृत अधिक सुविधा वाले स्टेशन में मोडऩे की शुरुआत कर दी है।
2 पर सिर्फ 6 ट्रेन बची
मदनमहल स्टेशन में 3 प्लेटफॉर्म हैं। इसमें इटारसी की ओर जाने वाली तकरीबन सभी ट्रेनें प्लेटफॉर्म-1 से संचालित होती हैं। बाकी ट्रेनों का संचालन प्लेटफॉर्म-2 और 3 से होता है। प्लेटफॉर्म-2 में यात्री सुविधाओं की सबसे ज्यादा कमी है। प्लेटफॉर्म-3 में धीरे-धीरे कई ट्रेनों का ठहराव तय कर दिए जाने से अब प्लेटफॉर्म-2 में सिर्फ 6 ट्रेनें बच गई हैं।
यहां भी विसंगति
मदनमहल स्टेशन में बुनियादी रूप से सर्वाधिक विकसित प्लेटफॉर्म-3 है। इस प्लेटफॉर्म के चौड़ा होने के साथ ही शेड से अपेक्षाकृत अधिक क्षेत्र कवर है। प्लेटफॉर्म के बाहर पार्र्किंग के लिए अधिक स्थान है। शहर के विस्तार के साथ ही प्लेटफॉर्म-3 का प्रयोग करने वाले यात्रियों की संख्या लगातार बढ़ रही है।
प्लेटफॉर्म-2 के हाल
स्टेशन के बाकी दोनों प्लेटफॉर्म के मुकाबले संकरा है।
प्लेटफॉर्म के बड़े हिस्सा शेड से कवर नहीं है।
एफओबी है लेकिन विकलांग और वृद्ध यात्रियों के लिए रैंप नहीं है।
प्लेटफॉर्म-2 से 1 पर जाना हो तो एफओबी का लंबा घेरा लगाना पड़ता है।
प्लेटफॉर्म-1 से टिकट लेने पर दोबारा बाहर जाकर एफओबी के जरिए 2 तक पहुंचने की मजबूरी है।
प्लेटफॉर्म पर पूरे हिस्से में प्रकाश की उचित व्यवस्था नहीं है।