उन्होंने
आतंकियों को ललकारा तो हमलावरों ने उनके ऊपर ग्रेनेड फेंक दिया। ग्रेनेड
फटते ही उसके छर्रे राजेश के शरीर में घुस गए। उसी में से कुछ छर्रे उनकी
आंखों में चले गए और वह घायल हो गए। इस हाल में भी उन्होंने अन्य जवानों के
साथ मिलकर दो आतंकियोें को ढेर कर दिया। करीब 14 दिन के इलाज के बाद
सोमवार शाम नेगी अपनी पत्नी यशोदा, मां हेमा, पिता हर्ष नेगी, बेटी दिशा और
बेटे आरव के साथ अपने घर पहुंचे।