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यहां कृष्ण के साथ राधा, रुक्मणी नहीं बल्कि मीरा की होती है पूजा, जानें मंदिर का रहस्य

यहां कृष्ण के साथ राधा, रुक्मणी नहीं बल्कि मीरा की होती है पूजा, जानें मंदिर का रहस्य

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भोपाल

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Tanvi Sharma

Dec 19, 2019

यहां कृष्ण के साथ राधा, रुक्मणी नहीं बल्कि मीरा की होती है पूजा, जानें मंदिर का रहस्य

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भगवान श्री कृष्ण के देश सहित विदेशों में भी कई भक्त हैं और उनकी आराधना के साथ साथ गीता में दिये ज्ञान का अनुसरण करते हैं। कृष्ण भगवान के भारत में कई प्रसिद्ध व प्राचीन मंदिर भी हैं।

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जहां भक्तों की भीड़ उमड़ती है और आस्था का केंद्र हैं। जिनमें से मथुरा वृंदावन भारत का सबसे अधिक प्रसिद्ध मंदिर है। लेकिन भारत में कृष्ण मंदिर में उनके साथ राधा ही होती हैं। परंतु हम आपको एक ऐसे अद्भुत मंदिर के बारे में जानकारी दे रहे हैं जहां श्री कृष्ण के साथ राधा नहीं बल्कि मीरा बाई की पूजा की जाती है

यहां है कृष्ण का प्रसिद्ध मंदिर

जी हां, हम जिस मंदिर की बात कर रहे हैं दरअसल वह मंदिर राजस्थान के आमेर जिले में स्थित है। यह प्रसिद्ध मंदिर को जगत शिरोमणि के नाम से जाना जाता है। आमेर के प्रसिद्ध इस मंदिर में मीराबाई और भगवान विष्णु की पूजा की जाती है। हिंदू वास्तु शिल्प के आधार पर बना यह मंदिर सबसे लोकप्रिय और पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र है।

महाराजा मानसिंह प्रथम की पत्नी ने करवाया था मंदिर का निर्माण

जगत शिरोमणि मंदिर का निर्माण महाराजा मानसिंह प्रथम की पत्नी महारानी कनकवती ने अपने पुत्र जगतसिंह की याद में करवाया था। मंदिर का निर्माण कार्य 1599 ई. में शुरु हुआ था और 1608 ई. में मंदिर बनकर तैयार हो गया था। महारानी की इच्छा थी कि उनके पुत्र को इस मंदिर के द्वारा सदियों तक याद किया जाए इसलिए इस मंदिर का निर्माण जगत शिरोमणि रखा गया।

यहां कृष्ण की वही मूर्ति है जिनकी पूजा करती थी मीराबाई

रहवासियों के अनुसार जगत शिरोमणि मंदिर को लेकर लोगों का मानना है कि यहां स्थापित श्री कृष्ण की मूर्ति वही मूर्ति है जिसकी मीराबाई पूजा करती थी। इस मंदिर को लेकर राजस्थान में कई कहानियां हैं। मुगल सैनिक श्रीकृष्ण की इस प्रतिमा को नष्ट करना चाहते थे, लेकिन आमेर के शासकों ने इनकी रक्षा की। जन्माष्टमी के मौके पर दूर-दूर से दर्शन के लिये यहां भक्त आते हैं।

राजा भोज से हुआ था मीराबाई का विवाह

मीराबाई एक राजपूत कन्या थीं, उनका विवाह राजा भोज के साथ हुआ था। लेकिन उन्होंने भगवान कृष्ण को ही अपना पति मान लिया था। इसलिए जगत शिरोमणि मंदिर में भगवान कृष्ण के साथ मीराबाई की प्रतिमा की पूजा की जाती है।