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ये है ‘नरक का दरवाजा’, जाने वाला कभी लौटकर नहीं आया वापस!

दुनिया के सभी धर्मों में स्वर्ग और नरक का जिक्र है। स्वर्ग का मतलब वह स्थान जहां अच्छी आत्माएं जाती हैं और नरक वह स्थान जहां मृत्यु के बाद बुरी आत्माएं जाती हैं।

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आज तक आपने कई तरह के मंदिरों और उनके रहस्यों के बारे में सुना होगा, लेकिन आज हम जिस मंदिर के बारे में आपको बताने जा रहे हैं उसको 'नरक का दरवाजा' कहा जाता है। बताया जाता है कि जो भी इसके पास गया वह फिर कभी वापस नहीं लौटता।


दरअसल, दुनिया के सभी धर्मों में स्वर्ग और नरक का जिक्र है। स्वर्ग का मतलब वह स्थान जहां अच्छी आत्माएं जाती हैं और नरक वह स्थान जहां मृत्यु के बाद बुरी आत्माएं जाती हैं। कहा जाता है कि पापी व्यक्ति को नर्क में यातनाएं भोगने के लिए भेज दिया जाता है और पुण्यात्माओं को स्वर्ग में सुख भोगने के लिए भेज दिया जाता है।


आज हम आपको जिस मंदिर के बारे में बताने जा रहे हैं उसे 'नर्क का दरवाजा' कहा जाता है। यहां के स्थानीय लोगों का दावा है कि जो एक बार इस दरवाज़े में प्रवेश करता है वो कभी वापस नहीं लौटता। इस मंदिर में पिछले कई वर्षों से लगातार रहस्यमयी मौतें हो रही हैं। ऐसा सिर्फ इंसानों के साथ नहीं होता बल्कि पशु-पक्षी के साथ भी ऐसा ही होता है।


यह जगह प्राचीन ग्रीक रोमन साम्राज्य के हीरापोलिस शहर में है। जो वर्तमान में यह शहर दक्षिण पश्चिम टर्की के पमुक्कल शहर के नाम से जाना जाता है। बता दें कि, प्लूटो देवता के नाम पर जानवरों को मरने के लिए इस गुफा में डाल दिया जाता था और लोग इन जानवरों के मरने का तमाशा देखते थे।


यहां के लोगों का दावा है कि इंसान और जानवरों की मौतें यूनानी देवता की जहरीली सांसों की वजह से हो रही है। यहां धार्मिक क्रियाकलापों के नाम पर जानवरों को मरने के लिए डाल दिया जाता था। इस क्रिया को प्लूटोनियम कहा जाता था।


हालांकि वैज्ञानिकों का दावा है कि इस मौत के पीछे मंदिर के नीचे से लगातार रिसकर बाहर निकल रही कार्बन डाई ऑक्साइड गैस है, जो मंदिर के नीचे से लगातार रिसकर बाहर निकल रही है। वैज्ञानिकों के अनुसार, जो भी इसके पास जाता है उसकी मौत हो जाती है।