
Roger Federer Success Mantra: 20 ग्रैंड स्लेम जीतने वाले स्विट्जरलैंड के रोजर फेडरर को इतिहास के सबसे महान टेनिस खिलाडि़यों में शुमार किया जाता है। 42 वर्षीय फेडरर को हाल ही में अमरीका के डार्टमाउथ कॉलेज में डॉक्टरेट की मानद उपाधि मिली। इस दौरान उन्होंने युवाओं को करीब 25 मिनट तक भाषण दिया और उन्हें सफल होने का मंत्र बताया। फेडरर ने कहा कि सहज शब्द एक मिथक है और वह आज जो कुछ भी हैं, वह सिर्फ प्रतिभा के कारण नहीं हैं, बल्कि इसमें वर्षों की कड़ी मेहनत लगी है।
फेडरर ने कहा, सहजता एक मिथक है। उन्होंने कहा, मैं ऐसा उस व्यक्ति के तौर पर कह रहा हूं जिसने यह शब्द बहुत सुना है। लोग कहते थे कि मेरा खेल सहज था। ज्यादातर समय, उनका मतलब यह एक तारीफ के रूप में होता था, लेकिन उस समय बहुत गुस्सा आता था, जब लोग कहते थे कि उसे मुश्किल से पसीना बहाना पड़ा, जबकि सच यह है कि मुझे काफी मेहनत करनी पड़ती थी।
मैंने काफी कड़ी मेहनत की, काफी कुछ सीखा और टेनिस के छोटे कोर्ट तक पहुंचने के लिए काफी लंबा सफर तय किया। सच यह है कि टेनिस कोर्ट बहुत छोटा है और दुनिया उससे बहुत ज्यादा बड़ी है। मैंने जब शुरुआत की थी तो मुझे पता था कि टेनिस मुझे दुनिया दिखा सकता है, लेकिन यह कभी दुनिया नहीं हो सकती। मैं कभी यह नहीं भूला कि मेरी जड़े क्या हैं और मैं कहां से आया हूं।
हां प्रतिभा का अपना महत्व है लेकिन इसकी बहुत बड़ी व्याख्या है। यह आपको तोहफे के तौर पर नहीं मिलती, यह लगातार की गई कड़ी मेहनत का परिणाम होती है। खुद पर भरोसा भी कही से मिलता नहीं बल्कि कमाया जाता है। हालांकि कई बार कड़ी मेहनत करने के बावजूद आप हार जाते हैं क्योंकि टेनिस काफी क्रूर है। आपको कठिन क्षणों से उबरने में माहिर बनना होगा क्योंकि मेरे लिए यही एक एक चैंपियन की निशानी है।
एक बेहतरीन फोरहैंड और रैकेट की गति को को टेनिस में अकसर टैलेंट कहा जाता है। लेकिन मेरे लिए जिंदगी में अनुशासन का मतलब टैलेंट है, शांत रहना और खुद पर भरोसा करना टैलेंट है। लगातार कड़ी मेहनत जारी रखना और अपनी जिंदगी को और खुद को सही तरह से संभालना टैलेंट है।
टेनिस में पूरी तरह से निपुण होना असंभव है। मैंने 1,526 एकल मुकाबले खेले और इसमें से सिर्फ 80 फीसदी मैच जीते। आप जिंदगी में कोई भी खेल खेलें, आप हारेंगे जरूर। चाहें वो प्वाइंट हो, मैच हो या सीजन...आप कोई भी नौकरी करें, उसमें भी ऐसा होगा और जीवन में उतार-चढ़ाव जरूर आएंगे। आप हमेशा नहीं जीत सकते, इसलिए यह सीखना भी जरूरी है कि हार कैसे पचाए।
आप चाहे कोई भी खेले खेलिए, उसमें अपना सर्वश्रेष्ठ दीजिए। अपने शॉट्स पर फोकस करिए, बिना किसी दवाब के खेलिए, और वो सब कुछ करिए, जो आप कर सकते हैं। आप जीवन में कुछ भी करिए लेकिन उसके लिए अपना सर्वश्रेष्ठ दीजिए।
Published on:
12 Jun 2024 10:37 am
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