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Flood in MP: लंका के हनुमान मंदिर तक पहुंचा बेतवा नदी का पानी, जामनी नदी में बाढ़

माताटीला डेम से पानी छोड़ाः ओरछा रिसोर्ट कराया खाली, लंका के हनुमान मंदिर तक पहुंचा पानी, कंचनाघाट जलमग्न आधी छतरी भी डूबी

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ओरछा। जिले में भले ही लोग पानी न बरसने से परेशान हो, लेकिन आसपास के क्षेत्रों में हो रही मूसलाधार बारिश से तमाम नदियां जहां उफान पर आ गई है, वहीं सीमावर्ती जिलों में बने बांध भी लबालब हो चुके है।

बुधवार को भी माताटीला डेम के पूरे 18 गेट खोलकर 4 लाख क्यूसेक पानी छोडऩे पर जामनी और बेतवा नदियां पुल से 10 फीट उपर बहती दिखाई दी। ऐसे में इनका रौद्ररूप देखकर लोग परेशान हो उठे। बेतवा नदी में लगातार बढ़ रहे जल स्तर के कारण यूपी के ललितपुर जिले में बना माताटीला बांध फुल भर गया है।

बांध में लगातार पानी आने पर मंगलवार को बांध से 4 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया। यूपी प्रशासन द्वारा इसकी सूचना पहले ही जिला प्रशासन को दे दी गई थी। ऐसे में ओरछा सहित पूरे क्षेत्र में अलर्ट जारी कर लोगों को बेतवा और जामनी नदी से दूर रहने का सलाह दी गई थी। दोपहर को छोड़े गए इस पानी का असर शाम को बेतवा और जामनी नदी पर दिखाई दिया। यह दोनों नदियां अपने रौद्ररूप में बहती दिखी।

आलम यह था कि इन दोनों नदियों के पुराने पुलो से 10 फीट ऊपर जाता दिख रहा था। आलम यह था कि नवनिर्मित पुलों के पिलर भी मात्र 5 से 7 फीट ही ऊपर दिखाई दे रहे थे, शेष पिलर जलमग्न हो चुके थे।

खाली कराया होटल

यूपी प्रशासन द्वारा दी गई सूचना के बाद प्रशासन ने बेतवा नदी के किनारे बने होटल ओरछा रिसोर्ट को सुबह से ही खाली करा दिया था। सुरक्षा के मद्देनजर इसमें रूके पर्यटकों को दूसरे होटलों में शिफ्ट करा दिया था। वहीं जैसे-जैसे नदी में पानी बढ़ता जा रहा था यह पानी होटल में भी प्रवेश कर गया। विदित हो कि इस होटल में हर साल बारिश में पानी भर जाता है।

आधी डूबी छतरियां

एक साथ 4 लाख क्यूमैक्स पानी छोड़े जाने पर बेतवा नदी अपने पूरे उफान पर थी। ऐसे में नदी का सबसे ऊंचा कंचना घाट जहां पूरी तरह से जलमग्न हो गया था, वहीं इस घाट पर बनी राजशाही दौर की छतरी भी आधी डूब चुकी थी। कंचना घाट पर बनी छतरी का आधा डूबना बेतवा के पूरे उफान पर होने का संदेश है। बेतवा में आए इस पानी के बाद पहली बार किले को घेरकर जाती हुई बेतवा की दूसरी धार पर पूरे वेग से चली। इससे किले की सुंदरता भी अपने सबाव पर दिखाई दी। प्राचीन मंदिर लंका के हनुमान मंदिर तक भी पानी पहुंच गया है।

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