
28 percent of electricity still being wasted
टीकमगढ़.जिले में लाइन लॉस को कम करने के लिए विद्युत विभाग ने कई कॉल सेंटर और टीमों को गठित किया है। एक वर्ष में इन टीमों ने 31.9 प्रतिशत में से 3.22 प्रतिशत ही लाइन लॉस को कम कर पाए है। इसके बाद भी विद्युत कम्पनी को करोड़ों रुपए का घाटा प्रति माह भुगतना पड़ रहा है। हालाकिं कम्पनी द्वारा प्रति माह लाइन लॉस कम करने के लिए कई फॉमूले अपनाए जा रहे है। इसके बाद भी बिजली की चोरी लगातार बढ़ रही है।
बिजली बचत करने के लिए विद्युत कम्पनी उपभोक्ताओं को जागरूक कर रही है। इसके बाद भी कम्पनी लाइन लॉस के करंट का नुकसान नहीं बचा पा रही है। विभाग को प्रति माह 200.91 लाख यूनिट लाइन लॉस का नुकसान झेलना पड़ रहा है। यह स्थिति खराब उपकरण और चोरी हुई बिजली को नहीं रोक पाने की बजह बनी हुईहै। कम्पनी द्वारा विद्युत बचत के लिए बच्चों को स्कूलों में प्रतियोगिता ,ग्रामीण क्षेत्रों में शिविरों और बेनरों के माध्यम से जागरूक किया जा रहा है। इसके साथ ही न तो विद्युत चोरी रूक रही है और न ही लाइन लॉस के कारणों का पता पड़ पा रहा है। वहीं विभाग द्वारा लाइन लॉस को कम करने के लिए 8 कॉल सेंटर और 20 टीमों को गठित किया गया है। इसके बाद भी लाइन लॉस को कम नहीं कर पा रहे है।
यह खरीद रहे बिजली
जिले में 2 लाख से अधिक उपभोक्ताओं को बिजली आपूर्ति करने के लिए विद्युत विभाग प्रति माह ६९९.६९ लाख यूनिट बिजली खरीद रहा है। जिसमें ४९८.९ लाख यूनिट बिजली उपभोक्ताओं को बेची जा रही है। जहां २००.९१ लाख यूनिट बिजली की चोरी हो रही है। जहां विभाग को करोड़ों रुपए का नुकसान प्रति माह भुगतना पड़ रहा है।
6 सौ कर्मचारियों कें भरोसे 2 लाख उपभोक्ता
जिले में 2 लाख 16 हजार 949 उपभोक्ताओं को संभालने के लिए 6 50 कर्मचारियों को तैनात किया गया है। इन्हीं कर्मचारियों में से 20 टीमोंं को गठित किया गया है। जो अपने-अपने क्षेत्रों में भ्रमण कर लाइन लॉस सहित विद्युत चोरी को कम कर रहे है। लेकिन इन टीमों द्वारा करीब एक साल में 3.22 प्रतिशत ही विद्युत चोरी को बचा पाए है।
2.93 रुपए प्रति यूनिट बेच रहे बिजली
एसई एल पी खटीक ने बताया कि यूनिट दर समय-समय पर बदलती रहती है। अभी हाल में प्रति यूनिट २.९३ रुपए बेची जा रही है। कम्पनी से प्रति माह ६९९.६९ लाख यूनिट 2० करोड़ 50 लाख रुपए में लिया जा रहा है। उसी यूनिट में से प्रति माह ४९८.९ लाख यूनिट 14 क रोड़ 6 1 लाख बेची जा रही है। जहां २००.९१ लाख यूनिट का प्रति माह 5 करोड़ 8 8 रुपए से अधिक का नुकसान विद्युत कम्पनी को हो रहा है।
यह है लाइन लॉस के कारण
इलक्ट्रॉनिक मीटर लगने के बाद भी बिजली चोरी को नहीं रोक पाना। कृर्षि कार्य के लिए जितनी कार्य क्षमता का कनेक्शन लेना उससे अधिक का दोहन करना। खम्बा और ट्रांसफ ार्मर पर आग लगना या चिंगारी झाडना। जले या बंद मीटर से वास्तविक खपत का आंकलन न होने और विभाग के कर्मचारियों द्वारा लगातार लापरवाही किए जाने के कारण हर माह करोड़ रुपए का लाइन लॉस विद्युत विभाग को हो रहा है।
फैक्ट फायल
वर्ष २०१७ में ३१.९ प्रतिशत लाइन लॉस
वर्ष २०१८ में २८.६८ प्रतिश लाइन लॉस
एक साल में ३.२२ प्रतिशत का मुनाफा
प्रति यूनिट दर - २.९३ रुपए
जिले में कुल उपभोक्ता - २१६९४९
कम्पनी द्वारा दी जा रही - ६९९.६९ लाख यूनिट
विभाग द्वारा उपभोक्ताओं को बेची गई - ४९८.९ लाख यूनिट
जिले में कुल घरेलू उपभोक्ता - १६४३७६
जिले में दुकानदार/ व्यवसाह उपभोक्ता - ७५००
उद्योग उपभोक्ता - २५००
पम्प उपभोक्ता - ३८००
अस्थाई उपभोक्ता - ५५००
अन्य उपभोक्ता - ३३२७३
जिले में कुल सब स्टेशन - ६४
लाइन लॉस कम करने के लिए कुल टीमें - २०
कॉल सेंटर - ८
जिले में कुल कर्मचारी - ६५०
इनका कहना
जिले में लाइन लॉस की बढोत्तरी को कम करने के लिए लिए टीमों को गठित किया गया है। वर्ष २०१७ ये वर्ष २०१८ दिसम्बर तक ३.२२ प्रतिशत लाइन लॉस को कम किया गया है। लगातार विभाग कीटीमों द्वारा लाइन लॉस के फॉलटों को खोजा रहा है। इसके साथ ही चोरी और इलैक्ट्रॉनिक मीटरों की जांच की जा रही है। जल्द ही लाइन लॉस को कम किया जाएगा।
एलपी खटीक एसई विद्युत विभाग टीकमगढ।
Published on:
23 Dec 2018 07:31 am
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