
तीन दिन तक पिटता रहा कैदी, आंसुओं के साथ बाहर आई सच्चाई
टीकमगढ़. जिला जेल टीकमगढ़ अब सुधार गृह नहीं, बल्कि अत्याचार गृह बनती जा रही है। वर्षों से जिन वसूली और मारपीट की कहानियों को महज अफ वाह माना जाता रहा, वे अब खून, चोंट और आंसुओं के साथ सच बनकर बाहर आई है। जेल से रिहा हुए कैदियों और उनके परिजनों ने जेल कर्मचारियों पर अमानवीय वसूली, बेरहमी से मारपीट और गुलामी जैसे काम कराने के आरोप लगाए है। पीडि़तों ने मामले को लेकर कलेक्टर से जनसुनवाई में शिकायत दर्ज कराई और न्यायालय में परिवाद लगाया है।
उदयपुरा निवासी मजबूत सिंह यादव ने जेल के अंदर की खौफ नाक हकीकत उजागर करते हुए बताया कि वह करीब डेढ़ माह तक जिला जेल में बंद रहा। उसके अनुसार जेल के कर्मचारी मनोज शर्मा, प्रशांत दुबे और अन्य कैदियों से लगातार पैसे ऐंठते हं। जो कैदी रुपए नहीं देता, उसे बेरहमी से पीटा जाता है और शौचालयों की सफाई जैसे अपमानजनक कार्य जबरन कराए जाते है। मजबूत सिंह ने दावा किया कि एक साथी कैदी को तीन दिनों तक लगातार पीटा गया, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई।
बैरवार के बदरगुड़ा निवासी विनिश कुमार यादव ने बताया कि उनके भाई और चाचा हरिकिशन यादव जेल में बंद है। सोमवार को जब परिजन जेल पहुंचे तो सिर्फ चाचा से मिलने दिया गया। भाई से मिलने से सख्त इनकार कर दिया गया। चाचा किसी तरह डरते डरते संकेतों में बता पाए कि हरिकिशन के साथ रात में मारपीट की गई है। उस वक्त एक कर्मचारी और अन्य कैदी पास खड़े थे, ताकि वह सच न बोल सके।
कैदी की पत्नी ने फ ूट फ ूटकर रोते हुए बताया कि 12 जनवरी को दोपहर 12 बजे उनके पति हरिकिशन यादव और बेटे को जेल में बेरहमी से पीटा गया। तीन दिन बीत जाने के बाद भी मारपीट जारी है। पति ने धीमी आवाज में कहा यहां तीन दिन से लगातार पीटा जा रहा है, पैसे मांग रहे है, नहीं देने पर जानवरों की तरह व्यवहार किया जा रहा है।
पीडित परिवार ने मामले की शिकायत सीएम हेल्पलाइन, जनसुनवाई और कलेक्टर कार्यालय में दर्ज कराई है। साथ ही जेल के अंदर हुए अत्याचारों का मेडिकल परीक्षण कराने के लिए न्यायालय में परिवाद पेश किया जा रहा है। पीडितों की मांग है कि दोषी कर्मचारियों पर तत्काल आपराधिक मामला दर्ज किया जाए।
जेल में बंद बीमार कैदी के साथ मारपीट की थी। इसके बदले जेल के कर्मचारियों ने बल प्रयोग किया और एक महीने के लिए उनके परिजनों से मिलान बंद कर दिया है। उनकी तलाशी भी ली गई, तलाशी में कई सामग्री जब्त हुई है। जो सीसीटीवी फुटेज में कैद है। इनके पिछले जेल में किए गए अपराध भी दर्ज है। मजबूत यादव जेल का कैदी था। इसका जेल में एक गिरोह है। मामले की सूचना न्यायालय को भी दे दी गई है।
Updated on:
21 Jan 2026, 2:42 PM IST
Published on:
21 Jan 2026, 2:42 PM IST
Copyright © 2026 Patrika Group. All Rights Reserved.