
यूरिया खाद का किया जा रहा छिडक़ाव।
२८६१ मीट्रिक टन जिले में पहुंचा यूरिया, किसानों ने शुरू किया छिडकाव
टीकमगढ़. रबी सीजन की बुवाई के बाद पहली सिंचाई (गुरयाना) होने वाली ही थी और तीन दिन पहले मावठ की पहली बारिश ४० मिमी हो गई। कई स्थानों पर मावठ का पानी खेतों से बाहर निकल गया और कई स्थानों पर खेतों में ही जमा हो गया। इस बारिश से किसानों के चेतरे खिल उठे। इससे मेहनत और बिजली खपत कम हो गई है। अब यूरिया खाद की जरुरत पड़ रही है। जहां प्रशासन ने २८६१ मीट्रिक टन खाद जिले में जमा कर दिया है।
किसानों ने बताया कि मावठ की बारिश नाइट्रोजन बनकर बरसी है। खराब फसल भी हरियालीदार होने लगी है। पौधों ने भी स्थान जमा लिया है। सिंचाई से ज्यादा मावठ की बारिश फसलों को फायदा पहुंचाएंगी। फसलों के सुधार के लिए ऊपर से यूरिया का छिडक़ाव करना शुरु कर दिया है। बुवाई के बाद पहली राहत मिली है। किसानों का कहना था कि पहली बार में फसलों को पोषण मिलेगा तो अंतिम समय तक मजबूत रहेगी। फसलों के रोग को खत्म करने के लिए वैज्ञानिकों से सलाह ली जाएगी।
यह आया यूरिया खाद
जिला विपणन विभाग के अधिकारी ने बताया कि जिले में पहले से १३५० मीट्रिक टन यूरिया का स्टॉक था। सोमवार को २८६१ मीट्रिक टन यूरिया आ गया है। उन्होंने बताया कि २००३ मीट्रिक टन जिला वितरण केंद्र, ८६१ मीट्रिक टन व्यापारी दुकानदार, ८१ मीट्रिक टन सहकारी समितियां पर यूरिया पहुंचाया गया है।
खाद वितरण की बनाई गई नई व्यवस्था
बताया गया कि टीकमगढ़ कृषि उपज मंडी में खाद वितरण केंद्र बनाया गया था। बड़ोरा घाट पर चार काउंटर, जतारा में तीन काउंटर, बल्देवगढ़ में तीन काउंटर, खरगापुर में दो काउंटर, पलेरा में दो काउंटर, बड़ागांव धसान में एक काउंटर लगाया गया है। बनयानी निवासी कृष्णप्रताप सिंह राजपूत और भागचंद्र ने बताया कि यूरिया खाद को लेकर छिडक़ाव किया जा रहा है।
इनका कहना
इस बार यूरिया खाद का स्टॉक पर्याप्त मात्रा में हो गया है। जिले के सरकारी और व्यापारियों के सभी स्थानों पर खाद पहुंचाया गया है। मावठ की बारिश में किसान इसका उपयोग कर रहे है।
अनिल कुमार नरबरे, डीएमओ जिला विपणन अधिकारी टीकमगढ़।
Published on:
31 Dec 2024 08:21 pm
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