
Adulterated and old sweets are being sold over the counter
टीकमगढ़. विधानसभा चुनाव के साथ दीपावली त्योहार नजदीक आ गया है। मिठाइयों की खपत भी दुकानों से अधिक होने लगी है, लेकिन शुद्धता की परख नहीं हो पा ही है। इस प्रकार की लापरवाही खाद्य सुरक्षा विभाग द्वारा की जा रही है। इससे आमजनों की सेहत पर बुरा असर पड़ रहा है। जिन जांचों के आंकड़े एक महीने में होने चाहिए, वह आंकड़े जनवरी से अब तक बताए जा रहे है।
टीकमगढ़, छतरपुर, दमोह, उप्र के मऊरानीपुर, ललितपुर, महरौनी, बानपुर क्षेत्र के हजारों लीटर दूध शहर में आ रहा है। नकली और असली खोया जबलपुर, ग्वालियर, झांसी, कानपुर, भोपाल के साथ अन्य शहरों से सुबह बसों के माध्यम से आ रहा है। उस सामग्री से महीनों पहले मिठाईयां बनाने की शुरूआत हो जाती है। फिर उन्हें फ्रेजर में सुरक्षित रख दिया जाता है। लेकिन उन स्थानों पर खाद्य सुरक्षा अधिकारी नहीं पहुंच पा रही है। शहर के साथ जिले में खुली दूध डेयरियों पर कितना मिलावटी का कार्य चल रहा है। जहां तक पहुंचने में जिम्मेदार परहेज कर रहे है।
२२२ में से ८८ सैंपल हुए फैल
खाद्य सुरक्षा अधिकारी द्वारा मिठाइयों की दुकानों से मिठाइयों के सैंपल लिए थे। २२२ सैंपलों को भोपाल प्रयोग शाला में जांच के लिए भेजे गए थे। उनमें से ८८ सैंंपल फैल हो गए है। १८ मामले एडीएम कोर्ट में चल रहे है। जिनका निर्णण होना बाकी है।
सडक़ किनारे रखी मिठाइयों की हालात खराब
मुख्य सडक़ किनारे नास्ता और मिठाइयां बनाई जा रही है। उनकी सुरक्षा के लिए भी कुछ नहीं है। उसमें डस्ट और विभिन्न प्रकार के कण प्रवेश कर जाते है। वहीं सामग्री आमजनों को विक्रय हो जाती है। जिससे वह बीमार पड़ जाता है। यहां तब सबसे हालाब खराब मिठाइयों की अस्पताल चौराहा और लुकमान चौराहा की है। जहां पर सप्ताह से अधिक समय की मिठाइयों को काउंटरों पर मिठाइयों को ताजा बताकर बेचा जा रहा है।
इन स्थानों पर मिठाइयों की दुकानें
जिले के कुण्डेश्वर, बगाज माता, बड़ागांव धसान, समर्रा, पठा, बुडेरा, विंध्यवासिनी, धजरई, बल्देवगढ़, खरगापुर, पलेरा, जतारा, मवई, लिधौरा, दिगौड़ा के साथ दर्जनों स्थानों पर मिठाइयों की सैंकड़ों दुकानें संचालित हो रही है, लेकिन जांच के नाम पर इतिश्री की जा रही है।
खराब मिठाइयों का शरीर पर पड़ता है बुरा असर
जिला अस्प्ताल में पदस्थ शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ पीएल विश्वकर्मा ने बताया कि मिलावट मिठाइयों के सेवन करने से शरीर पर बुरा असर पड़ता है। उल्टी दस्त के साथ हदय पर असर पड़ता है। घर की बनाई हुई मिठाइयों को खाए। बाहर की मिठाइयों को लेने से परहेज करें।
फैक्ट फाइल
२२२ जांच जनवरी से अब तक
८८ मिठाई के नमूने फैल हो गए
१३ एडीएम कोट में विचाराधीन है
इनका कहना
जिले की मिठाई दुकानों से मिठाइयों की सैंपल लिए जा रहे है। वह सैंपल भोपाल प्रयोग शाला में जांच के लिए भेजे जा रहे है। उसमें से ८८ सैंपल फैल हो गए है। कुण्डेश्वर में मिठाईयों की दुकानों से सैंपल लिए जा रहे है।
मनीष जैन, खाद्य सुरक्षा अधिकारी टीकमगढ़।
Published on:
02 Nov 2023 06:33 pm
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