
MP News: मध्यप्रदेश के निवाड़ी जिले के ओरछा में श्रीराम राजा लोक परिसर के बीच में खसरा नंबर 457 में पीढ़ियों से रहने वाले लोगों के कारण इसका विस्तार नहीं हो पा रहा था। जिसके कारण काम अधूरा पड़ा हुआ था। यहां पर रहने वालों के प्रकरण न्यायालय में विचाराधीन थे तो यह लोग लोक निर्माण का काम शुरू होने के बाद से ही विस्थापन और उचित मुआवजे की मांग कर रहे थे। ऐसे में अब प्रशासन भी इस दिशा में काम करने लगा है। इसे लेकर निवाड़ी एसडीएम मनीषा जैन का कहना था कि इसका पूरा प्रकरण तैयार किया जा रहा है और जल्द ही मामले का निराकरण किया जाएगा।
श्रीराम राजा मंदिर ओरछा में श्रीराम राजा लोक निर्माण की घोषणा के बाद जब यहां के परिसर का 12 एकड़ में विस्तार करने की योजना सामने आई तो यहां पर पीढ़ियों से रहने वाले लोगों ने ने विस्थापन के साथ ही मुआवजा को लेकर सरकार से मांग की थी। विदित हो कि यहां के खसरा नंबर 457 का मामला पहले से ही न्यायालयीन प्रक्रिया में उलझा हुआ था।
यहां पर एक पटवारी की लापरवाही से इस नंबर को मंदिर में दर्ज कर दिया गया था, जबकि पूर्व में यह नंबर आवासी क्षेत्र में था। इस पर यहां पर रहने वालों को न्यायालय से भी राहत मिली थी। राम राजा लोक के बाद फिर से इसी खसरा नंबर का विवाद फंस गया था। ऐसे में यह पूरा परिसर खाली नहीं हो पा रहा था तो मंदिर के परिसर के विस्तार का काम भी अब तक रुका हुआ है। बताया जा रहा है कि इस खसरा नंबर में 16 से 20 परिवार निवासरत बताए जा रहे है। अब प्रशासन ने भी इसके लिए है कि इसे लेकर पर्यटन विभाग के प्रक्रिया शुरू कर दी है। बताया जा रहा पीएस ने भी प्रशासन से जल्द ही मामला सुलझाने को कहा था।
इस मामले में निवाडी एसडीएम मनीषा जैन ने बताया कि इसका पूरा प्रकरण तैयार किया जा रहा है। 10 से 15 दिन में इसे तैयार कर कलेक्टर के समक्ष रखा जाएगा और उसके बाद आगे की कार्रवाई की जा रही है। बताया जा रहा है कि प्रशासन अब इस जमीन को खाली कराने के लिए मुआवजा के साथ ही विस्थापन की योजना पर काम कर रहा है।
Updated on:
20 Jan 2026 07:56 pm
Published on:
20 Jan 2026 07:56 pm
