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दीवाली के बाद अब होली पर मिलेगी सचिवों को वेतन

चार माह से वेतन न मिलने से सचिव परेशान, हर विकासखंड में बताई जा रही बजट की परेशानी

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After Diwali now secretaries will get salary on Holi

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टीकमगढ़. वेतन न मिलने से सचिवों की हालत खराब है। विदित हो कि जिले की टीकमगढ़ और पलेरा जनपद में जहां सचिवों को चार-चार माह का वेतन नहीं मिला है तो वहीं जतारा जनपद में भी दो माह का वेतन रूका हुआ है। वेतन न मिलने की वजह शासन द्वारा समय से बजट उपलब्ध न कराना बताया जा रहा है।


पंचायतों में शासन की तमाम योजनाओं को अमलीजामा पहनाने वाले सचिव परेशान है। इनकी परेशानी का कारण चार माह से वेतन न मिलना है। शादियों के मौसम में चार माह से वेतन न मिलने सचिवों की हालत और भी खराब हो गई है। कुछ सचिवों को तो अपनी रिश्तेदारियों में उधार मांगकर व्यवहार करना पड़ रहा है। सबसे खराब हालत जनपद पंचायत टीकमगढ़ एवं पलेरा की सचिवों की है। बताया जा रहा है कि इन सचिवों को चार माह से वेतन नहीं मिला है। टीकमगढ़ जनपद के सचिवों ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि उन सभी को दीपावली के समय वेतन दिया गया था। तब से आज तक वेतन नहीं मिला है। बताया जा रहा है कि पिछले माह वेतनमद में 18 लाख रुपए का बजट आया था, लेकिन जनपद में 24 लाख रुपए की जरूरत थी। ऐसे में वेतन नहीं दिया गया था। अब इस माह भी 13 लाख रुपए का बजट आना बताया जा रहा है। ऐसे में सचिवों को लग रहा है कि अब मार्च में वेतन मिलेगा और होली का पर्व मना सकेंगे। लेकिन चार माह से वेतन न मिलने से तमाम प्रकार की उधारियां पहले ही सिर पर चढ़ गई है। ऐसा ही हाल जनपद पलेरा में है। यहां पर भी चार माह से वेतन न मिलने की बात कही जा रही है। बताया जा रहा है कि बीच में कुछ बजट आने पर 15 दिन का वेतन डाला गया था। वहीं जतारा में भी सचिवों को दो माह से वेतन न मिलने की बात कही जा रही है।

जनपद से कटते है वाउचर
वेतन न मिलने से परेशान सचिवों की माने तो सरकार को उनका कोई ध्यान नहीं है। लगातार आंदोलन एवं मांगों के बाद आज तक उनकी वेतन अब तक वाउचर सिस्टम से ही जारी की जा रही है, जबकि तमाम कर्मचारियों के वेतन ट्रेजरी विभाग से मिलती है। सचिवों का कहना है कि सरकार द्वारा उन सभी को शिक्षकों की तरह नियमित करते हुए वेतनमान देने की घोषणा की गई थी, लेकिन आज तक उस पर अमल नहीं हुआ है। ऐसे में यह समस्या बनी हुई है।


हमारे बनाए शिक्षक पा रहे ज्यादा वेतन
पुराने सचिवों ने बताया कि उनके द्वारा शिक्षाकर्मियों की भर्तियां की गई थी। वह लोग 600 रुपए से आज 40 से 50 हजार रुपए का वेतन पा रहे है और शासकीय कर्मचारियों की तरह हर माह ट्रेजरी से वेतन जारी किया जा रहा है। लेकिन उनकी स्थिति जस की तस बनी हुई है।

कहते है अधिकारी
इस मामले में जनपद बल्देवगढ़ एवं टीकमगढ़ के प्रभारी सीईओ प्रभाषराज घनघोरिया का कहना है कि बजट आवंटित न होने से यह समस्या बनी हुई है। उन्होंने बताया कि बल्देवगढ़ जनपद में सभी सचिवों की हर माह वेतन दी जा रही है, समस्या केवल टीकमगढ़ जनपद में है। उनका कहना है कि सचिवों की वेतन के लिए शासन से बजट की मांग की गई है। जल्द ही सभी सचिवों को वेतन जारी किया जाएगा।