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कलेक्टर ने खरगापुर के प्रभारी तहसीलदार को किया निलंबित

रिश्वत के नाम पर भैंस लेकर पंहुचे किसान का मामला

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After taking buffaloes and tapping the Tahsildar's car, finally the action

After taking buffaloes and tapping the Tahsildar's car, finally the action

टीकमगढ..जिले के खरगापुर तहसील में नामांतरण के मामले में रिश्वत मांगे जाने से दुखी किसान के द्वारा भैंस ले जाकर तहसीलदार की गाडी से बांधने के मामले में आखिरकार कार्रवाई कर दी गई। किसान द्वारा भैंस लेकर तहसील पंहुचने की खबर ने कांग्रेस सरकार की किरकिरी कर दी थी। मामले में प्रदेश के राजस्व मंत्री और टीकमगढ़ के प्रभारी मंत्री गोविन्द सिंह राजपूत के संज्ञान लेने के बाद कलेक्टर सौरभ कुमार सुमन ने शासकीय कार्य में लापरवाही एवं स्वैच्छाचारिता करने के कारण खरगापुर तहसील के प्रभारी तहसीलदार सुनील वर्मा को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। खास बात है कि आज ही प्रदेश के राजस्व मंत्री और टीकमगढ़ के प्रभारी मंत्री गोविन्द सिंह राजपूत जिले के दौरे पर है।


यह था मामला
पत्रिका के द्वारा 24 फरवरी के अंक में रिश्वत मांगी तो भैंस लेकर पहुंच गया किसान, तहसीलदार के वाहन से बांधी नामक खबर का प्रकाशन प्रमुखता से किया था। खरगापुर तहसील के देवपुर निवासी किसान लक्ष्मी यादव नेे अपनी खरीदी हुई जमीन की दो रजिस्ट्रियों के परिवर्तन और बंटवारे के लिए तहसीलदार के पास फ इल पेश गई थी। 6 माह निकल जाने के बाद दोनों मामलों का निपटारा नही किया गया। किसान का कहना था कि दोनों प्रकरणों के निराकरण कराने के नाम पर तहसीलदार सुनील वर्मा ने किसान से पहले तो 50 हजार रुपए लेने के बाद मामले का निपटारा नही किया। जब किसान ने तहसीलदार से इस संबंध में बात की तो दोबारा तहसीलदार ने किसान से 50 हजार रुपयों की और मांग की। आहत किसान के पास पैसे न होने पर अपनी भैंस ले जाकर तहसीलदार के वाहन से बांध दी थी।

जांच में एसडीएम ने पाया दोषी
एसडीएम वंदना राजपूत ने जांच में पाया कि शिकायतकर्ता लक्ष्मी प्रसाद यादव जमीन खरीदने वाले का ससुर है। शिकायकर्ता के रजिस्टर्ड विक्रय पत्र का 28 अगस्त 2018 को गुना ग्राम का नामातंरण तहसीलदार खरगापुर के न्यायालय में 16 फ रवरी 2019 को किया जा चुका है। प्रकरण में तहसीलदार खरगापुर द्वारा नामांतरण में प्रक्रियात्मक त्रुटि परिलक्षित होती है।ं निर्णय प्रथम दृष्टया दुर्भावनापूर्ण एवं गलत प्रतीत हो रहा है।

निर्णय शिकायतकर्ता के पक्ष में है ,जिससे यह संभावना है कि पैसे का लेनदेन किया गया होगा। तहसीलदार द्वारा प्रकरण को नामांतरण मद में दर्ज नहीं किया गया है । इसके साथ ही खसरा और रजिस्ट्री के क्र्रेताओं का मिलान नहीं किया गया। इसके साथ ही आम इश्तहार भी जारी नहीं किया गया है। मामले के सभी हितबद्ध पक्षकारों को सुना भी नहीं गया है। इससे एसडीएम द्वारा तहसीलदार खरगापुर के विरूद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई किया जाना प्रस्तावित किया था।


कलेक्टर ने की कार्रवाई
बल्देवगढ़ एसडीएम के प्रतिवेदन से सहमत होते हुए कलेक्टर सौरभ कुमार सुमन ने सुनील वर्मा नायब तहसीलदार एवं प्रभारी तहसीलदार खरगापुर को मप्र सिविल सेवा नियम के तहत तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। निलंबन अवधि में वर्मा का मुख्यालय एसडीएम कार्यालय जतारा नियत किया गया है। उन्हें निलंबन अवधि में नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता की पात्रता होगी। इसके साथ ही महेश कुमार गुप्ता तहसीलदार बल्देवगढ़ को अपने वर्तमान कार्य के साथ-साथ तहसीलदार खरगापुर के दायित्व निर्वहन करने के आदेश दिए गए है।