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किराए के भवनों में चल रहे शहर के आंगनबाड़ी केंद्र, हर माह 1.32 लाख रुपए किराया भुगतान

टीकमगढ़ नगरपालिका क्षेत्र में संचालित अधिकांश आंगनबाड़ी केंद्र आज भी किराए के निजी भवनों में चल रहे है। शहर में कुल 74 आंगनबाड़ी केंद्र है। जिनमें से सिर्फ 8 केंद्रों के पास ही सरकारी भवन उपलब्ध है, जबकि शेष 66 केंद्र किराए के भवनों में संचालित हो रहे है। इन केंद्रों के लिए विभाग को […]

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७४ केंद्रों में से सिर्फ ८ के पास है सरकारी भवन, भवन के लिए जमीन खोजने जारी हुए थे आदेश

७४ केंद्रों में से सिर्फ ८ के पास है सरकारी भवन, भवन के लिए जमीन खोजने जारी हुए थे आदेश

टीकमगढ़ नगरपालिका क्षेत्र में संचालित अधिकांश आंगनबाड़ी केंद्र आज भी किराए के निजी भवनों में चल रहे है। शहर में कुल 74 आंगनबाड़ी केंद्र है। जिनमें से सिर्फ 8 केंद्रों के पास ही सरकारी भवन उपलब्ध है, जबकि शेष 66 केंद्र किराए के भवनों में संचालित हो रहे है। इन केंद्रों के लिए विभाग को हर महीने करीब 1 लाख 32 हजार रुपए किराया चुकाना पड़ रहा है।

किराए के भवनों में संचालित केंद्रों में नौनिहालों, गर्भवती महिलाओं और धात्री माताओं के लिए बुनियादी सुविधाओं का अभाव है। कई स्थानों पर बैठने, छांव, शौचालय जैसी आवश्यक व्यवस्थाएं नहीं होने से कार्यकर्ताओं और हितग्राहियों को परेशानी उठानी पड़ रही है। इसके लिए विगत वर्षों में बजट जारी किया गया था और जमीन चिन्हित करने के निर्देश दिए गए थे। जिसकी रिपोर्ट वरिष्ठ अधिकारियों को सौंपी गई थी। प्रस्ताव के आधार पर राशि जारी की गई थी, लेकिन भवन निर्माण की कार्रवाई आगे नहीं बढ़ पाई।

1998 में बने थे आखिरी सरकारी भवन

शहर में जो आठ सरकारी आंगनबाड़ी भवन उपलब्ध है। उनका निर्माण वर्ष 1998 में किया गया था। इसके बाद वर्ष 2000 और फि र करीब पांच वर्ष पूर्व भवन निर्माण के लिए आदेश और प्रस्ताव तो मांगे गए, लेकिन प्रक्रिया कागजों से आगे नहीं बढ़ सकी। प्रस्तावों के आधार पर राशि भी जारी की गई। इसके बावजूद भवन निर्माण शुरू नहीं हो पाया।

अतिक्रमण बना सबसे बड़ी बाधा

भवन निर्माण के लिए कार्यकर्ताओं और पार्षदों से जमीन चिन्हित कर प्रस्ताव मांगे गए थे, लेकिन अधिकांश स्थानों पर सरकारी जमीन अतिक्रमण की चपेट में है। जिम्मेदार विभागों द्वारा अतिक्रमण हटाने की ठोस कार्रवाई नहीं किए जाने के कारण योजना की गति धीमी पड़ गई है।

वार्डों में इस तरह हो रहा संचालन

नगरपालिका क्षेत्र के वार्ड क्रमांक 3, 4, 6, 7, 15, 22, 26, 27 सहित कुछ स्थानों पर नपा भवनों में केवल दो केंद्र संचालित किए जा रहे है, जबकि शेष केंद्र निजी भवनों में चल रहे है, जहां पर्याप्त जगह तक उपलब्ध नहीं है। किराया 2 से 5 हजार रुपए तक है। विभागीय अधिकारियों के अनुसार अधिकांश केंद्रों का किराया 2 हजार रुपए प्रतिमाह है, जबकि कुछ स्थानों पर यह 3 से 5 हजार रुपए तक चुकाया जा रहा है।

श्सरकारी जमीन उपलब्ध नहीं होने के कारण भवन निर्माण नहीं हो पा रहा है। 66 केंद्र किराए के भवनों में संचालित है। कई केंद्रों का किराया 3 से 5 हजार रुपए तक है। भवन निर्माण के लिए पूर्व में प्रस्ताव भेजे गए थे।

संगीता खरे, प्रदेश महामंत्री आंगनबाड़ी कार्यकर्ता संघ टीकमगढ़।