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आदेश 12,500 रु. का, मानदेय मिल रहा 10,500 रुपए

शासन के द्वारा भले ही राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन के तहत आशा सहयोगिनी काम करने के बाद 12 हजार रुपए प्रतिमाह दिए जाने का शासन द्वारा बीते 2022 में एक आदेश जारी किया गया था, लेकिन उन्हें आज भी महज १०,५०० रुपए ही मानदेय दिए जा रहे

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Asha workers and Asha associates told their pain

Asha workers and Asha associates told their pain


टीकमगढ़.शासन के द्वारा भले ही राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन के तहत आशा सहयोगिनी काम करने के बाद 12 हजार रुपए प्रतिमाह दिए जाने का शासन द्वारा बीते 2022 में एक आदेश जारी किया गया था, लेकिन उन्हें आज भी महज १०,५०० रुपए ही मानदेय दिए जा रहे हैं। यात्रा भत्ता के नाम पर मिलने वाले १०० रुपए का भत्ता भी स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी आशा कार्यकर्ताओं को नहीं दे रहे। आशा कार्यकर्ताओं ने बताया कि मानदेय २००० रुपए ही मिलते हैं। आशा कार्यकर्ता सरोज रजक ने बताया कि मोहनगढ़ गौर से जतारा आने पर ३०० रुपए खर्च हो जाते हैं। जतारा विकास खंड मुख्यालय के बीआरसीसी भवन में राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन के तहत ग्रामीण व शहरी क्षेत्र में काम करने वाली आशा कार्यकर्ता एवं आशा सहयोगिनी की राष्ट्रीय टीकाकरण अभियान (28 मई से 30 मई) को लेकर आयोजित बैठक में यह पीड़ा आशा कार्यकर्ताओं ने बताई।

कर्मचारियों पर सुविधा शुल्क मांगने का आरोप
आशा सहयोगिनी व आशा कार्यकर्ताओं ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी व कर्मचारियों पर सौतेला व्यवहार करने का भी आरोप लगाया। कार्यकर्ताओं ने कर्मचारियों पर मानदेय का भुगतान करने के एवज में सुविधा शुल्क मांगने का भी आरोप लगाया। इस आरोप के बाद बैठक में मौजूद स्वास्थ्य विभाग के विकासखंड से लेकर जिले के अधिकारी तक बगलें ताकने लगे।

आशा कार्यकर्ताओं का पैसा हजम करने वालों को छोड़ेंगे नहीं
बैठक को संबोधित करते हुए जतारा विधायक हरिशंकर खटीक ने कहा कि राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत आशा कार्यकता एवं आशा सहयोगिनी द्वारा टीकाकरण से लेकर केंद्र व राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी योजनाओं को मूर्त रूप देने में निष्ठा से सहयोग कर रही हैं। उन्होंने कहा किए मानदेय के साथ ही महिलाओं को १००० रुपए लाडली बहना योजना के तहत मिलेंगे। विधायक ने कहा कि आशा कार्यकर्ताओं को दो हजार रुपए मानदेय के साथ ही लाडली बहना योजना के तहत मिलने के बाद उन्हें तीन हजार रुपए प्रतिमाह मिलेगा।

मामले में स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के साथ ही लेखापाल हरिकिशन जागीरदार ने विधायक को बताया कि शासन ने भले ही 12500 रुपए प्रतिमाह मानदेय देने का आदेश दिया है कि लेकिन अधिकारी ने मौखिक रूप से दस हजार पांच सौ रुपए प्रतिमाह मानदेय दिए जाने का आदेश दिया है, वहीं १०० रुपए यात्रा भत्ता देने से मना किया गया है। इस पर विधायक ने अपनी नाराजगी जताई। बैठक में जिला मीडिया प्रभारी मनोज नायक, डाक्टर सुरेश शर्मा, बीएमओ डॉ प्रशांत जैन, लेखापाल हरिकिशन जागीरदार, अजीत जैन, विधायक प्रतिनिधि एनआर घोष, राजीव साहू सहित अन्य मौजूद थे।

इनका कहना
इस मामले को गंभीरता से लेकर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को अवगत कराया जाएगा। आशा सहयोगिनी व आशा कार्यकर्ताओं बहनों को उनका हक दिलाने के लिए हरसंभव प्रयास किए जाएंगे।
हरिशंकर खटीक, विधायक, जतारा

इनका कहना
यह समस्या सामने आई है। भोपाल स्तर के अधिकारी ने मानदेय कम दिए जाने का आदेश दिया है।
डा. वरुण, जिला टीकाकरण स्वास्थ्य अधिकारी