20 जनवरी 2026,

मंगलवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

तालाब खाली कैसे होगी सिंचाई, किसानों की बड़ी चिंता

पर्याप्त बारिश के बाद भी मदन सागर और दिनऊ तालाब का भराव नहीं हो पाया है। अब इनकी नहरों का खुलना मुश्किल दिखाई दे रहा है। जिससे किसानों की चिंता बढ़ गई है। जबकि किसानों की रबी सीजन की तैयारियां पूर्ण कर ली है।

2 min read
Google source verification
big concern of farmers

big concern of farmers


टीकमगढ़. पर्याप्त बारिश के बाद भी मदन सागर और दिनऊ तालाब का भराव नहीं हो पाया है। अब इनकी नहरों का खुलना मुश्किल दिखाई दे रहा है। जिससे किसानों की चिंता बढ़ गई है। जबकि किसानों की रबी सीजन की तैयारियां पूर्ण कर ली है।
किसानों का कहना था कि क्षेत्र के मदनसागर तालाब, दिनऊ तालाब, बैरवार ताल, लिधौरा, किटाखेरा, मचौरा, पथरीगढ़, गचीना, मुहारा, बिलवारी, ढकौर तालाब, शाहपुरा, गरौली, सतगुवां, बराना बम्होरी तालाब, टानगा का बहारुताल, बम्होरी अब्दा का धर्मसागर तालाब, थर बराना, राजनगर, सिमरा खुर्द, कपासी, कुडयाला, रतवास, इटायली, मवई, कछौरा, दरदौरा, गाडरी, पारियन के साथ तालाब खाली पड़े है। इनका पानी सलूश तक नहीं आया पाया है। जिससे नहरों का खुलना मुश्किल दिखाई दे रहा है।
सुजारा बांध के भरोसे किसान
किसानों ने बताया कि रबी सीजन की तैयारियां पूरी हो गई है। तालाब पानी से पर्याप्त मात्रा में भर नहीं पाए है। कई तालाबों का पानी सलूश तक नहीं आया पाया है। अब किसान सुजारा बांध की पाइप लाइन के भरोसे है लेकिन रबी सीजन की फसल का समय आ गया है। अगर इस सप्ताह में पाइप लाइन चालू नहीं होती है तो अंतिम पानी की सिंचाई के लिए किसानों को परेशानियों का सामना करना पड़ेगा।
खेत तक नहीं पहुंच पाएगा तालाबों का पानी
किसान रामसिंह, कल्याण सिंह, रामचंद्र, घनश्याम, रघुवीर सिंह, लक्ष्मी प्रसाद यादव, पुष्पेन्द्र सिंह, रामकिशन ने बताया कि जिले में बारिश पर्याप्त मात्रा में हुई, लेकिन तालाबों में आने वाले पानी के रास्ते खत्म हो गए है। जिसके कारण वह पानी तालाब की जगह नालों के सहारे नदियों में चला गया है। इस कारण से तालाब खाली पड़े हुए है।

तालाब फुल, लेकिन चालू नहीं हुई नहर
चंदेरा निवासी एनडी चौरसिया ने बताया कि चंदेरा जखनेरा तालाब में पानी पर्याप्त है, लेकिन नहर को चालू नहीं किया गया है। नहर कई स्थानों से टूट चुकी है। उसमें पौधें और विभिन्न प्रकार का घास उग आई है। यही हाल क्षेत्र के अन्य तालाबों का है।
कार्यालय सहायक के भरोसे जलसंसाधन का विभाग
जतारा अनुभाग मुख्यालय पर जल संसाधन विभाग कार्यालय सहायक के भरोसे चल रहा है। यहां पर अधिकारी से लेकर बाबू, उपयंत्री तक नहीं है। जिससे के कारण किसानों की समस्याओं का हल नहीं हो पाता है। सौरभ पटेल टीकमगढ़ के साथ जतारा का प्रभार लिए हुए है।
इनका कहना
मामले को चुनाव बाद दिखवाते है, किसानों की समस्याओं का हल किया जाएगा। जिससे सिंचाई सुविधा सुलभ हो सके।
लोकेंद्र सिंह सरल, एसडीएम जतारा।