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बुंदेलखंड की देशी मूंगफली ने देश और विदेश में भी बनाई पहचान

टीकमगढ़ में लगाया गया प्लंाट

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टीकमगढ़ में लगाया गया प्लंाट

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टूटे दानों से निकाला जा रहा तेल और छिल्लों ने बनेगी जलाऊ सामग्री

टीकमगढ़. बुंदेलखंड की मूंगलफली इस बार देश के साथ विदेश में भी पहचान बना रही है। अपने स्वाद के लिए यह मूंगफली काजू को भी टक्कर देने से कम नहीं है। मूंगफ ली का उपयोग और औषधीय गुणों का महत्व है। इसमें प्रोटीन, फ ाइबर, विटामिन और मिनरल्स होते है, जो हृदय स्वास्थ्य, पाचन तंत्र और वजन प्रबंधन में मद्द करते है। टूूटे दानों का तेल निकाला जा रहा है और उनके छिल्कों से जलाऊ सामग्री बनाई जा रही है।
मंूगफली प्लांट संचालक राजेश साहू ने बताया कि बुंदेलखंड के साथ टीकमगढ़, निवाड़ी, नौगांव में मंूगफली का प्लांट लगाया गया है। इस बार मूंगफली की उपज अधिक होने से टीकमगढ़ में प्लांट शुरू होने वाला है। सुरक्षित दाना देश विदेश में नियात किया जाता है और टूटे दाने का तेल निकाला जाता है। छिल्के की जलाऊ सामग्री बनाई जाएगी। उन्हेंं लोहा फैक्ट्री और अन्य प्लांट में किलो की दर के हिसाब से बेचा जाएगा। पिछले वर्ष की तुलना में इस वर्ष तीन गुना अधिक मूंगफली की उपज हुई है।

देश विदेश में भी बना रही मूंगफली की खुशबू
कृषि उपज मंडी के राहुल तिवारी, शैलेंद्र कुमार गुप्ता, राजेश साहू का कहना बुंदेलखंड की मूंगफली का दाना कनाडा, उवैत, वियतनाम, दुबई, अमेरिका के साथ अन्य देशों में खुशबू महका रहा है। वहां पर सबसे अधिक मांग बुंदेलखंड मूंगफली की है। वहां पर सबसे अधिक मूंगफली का तेल भी उपयोग में ला रहे है।

जवान की पहली पसंद, देशी काजू
धर्मसिंह और मूलायम सिंह राजपूत ने बताया कि महीनों से युवाओं को दौड़ और फौज में भर्ती होने के लिए प्रशिक्षण दे रहे है। जो भी युवा प्रशिक्षण दे रहे है, वह मूंगफली के दानों का सेवन कर रहे है। वह जब भी आते है अपने साथ मूंगफ ली ले जाना नहीं भूलते है। टीकमगढ़ की मूंगफ ली का जो स्वाद है, वह अन्य के यहां की मूंगफ ली में नहीं है। इसको खाने पर बिल्कुल तिलहन की महक नहीं आती और ऐसा स्वाद खाने में आता है जैसे काजू खा रहे हो।

मूंगफ ली के उपयोग और औषधीय गुण
जिला अस्पताल में पदस्थ डॉ पीएल विश्वकर्मा ने बताया कि मूंगफ ली में प्रोटीन, फ ाइबर, विटामिन और मिनरल्स होते है। जो हृदय स्वास्थ्य, पाचन तंत्र और वजन प्रबंधन में मद्द करते है। मूंगफ ली का तेल निकाला जाता है। इसका उपयोग खाना पकाने और सौंदर्य उत्पादों में किया जाता है। मूंगफ ली के तेल में एंटीऑक्सीडेंट और विटामिन ई होता है। इसलिए यह स्किन और बालों के लिए फ ायदेमंद है। प्रोटीन और ऊर्जा का बेहतर स्रोत होने की वजह से इसका उपयोग पशु आहार में भी किया जाता है। कच्ची मूंगफ ली को उबालकर खाते है। सुखाकर भुनी मूंगफ ली खाना तो आम है।