
हाइवे से लगी बेशकीमती एक एकड़ सरकारी जमीन हुई अतिक्रमण मुक्त
टीकमगढ़ दिगौड़ा तहसील मुख्यालय के सामने झांसी हाइवे किनारे स्थित बेशकीमती शासकीय भूमि पर गुरुवार को प्रशासन ने अतिक्रमण विरोधी कार्रवाई करते हुए बुलडोजर चलाया है। प्रशासन ने पीडि़त को एक सप्ताह की जगह एक दिन पहले नोटिस दिया और अतिक्रमण हटाने प्रशासन आ गया। जबकि इस जमीन का मामला सिविल कोर्ट में मामला विचाराधीन है।
उल्लेखनीय है कि मंगलवार को कलेक्टर विवेक श्रोत्रिय द्वारा दिगौड़ा तहसील का दौरा किया गया था। इस दौरान स्थानीय नागरिकों के साथ हुई बैठक में शासकीय भूमि पर अतिक्रमण की समस्या प्रमुख रूप से सामने आई थी। कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देश दिए थे कि क्षेत्र की समस्त शासकीय जमीनों से शीघ्र अतिक्रमण हटाया जाए। इन्हीं निर्देशों के तहत दो दिन बाद गुरुवार को यह कार्रवाई की गई।
स्थानीय प्रशासन एवं पुलिस बल की मौजूदगी में प्रभारी तहसीलदार प्राची जैन के नेतृत्व में तहसील कार्यालय के सामने स्थित झांसी हाइवे से लगी शासकीय भूमि पर अतिक्रमण हटाया गया। यह जमीन भज्जू पुत्र टुंडा कुशवाहा निवासी दिगौड़ा द्वारा अतिक्रमित बताई जा रही थी। कार्रवाई के दौरान थाना प्रभारी मनीष मिश्रा के नेतृत्व में भारी पुलिस बल तैनात रहा। मौके पर बड़ी संख्या में स्थानीय लोग भी एकत्र रहे।
दोपहर 1 बजे से शाम 4 बजे तक चली इस कार्रवाई में जेसीबी मशीन से पहले शासकीय भूमि पर बोई गई फ सल बाड़ी बांगड़ को हटाया गया। इसके बाद अर्धनिर्मित एवं नवनिर्मित पक्के मकानों, टपरे में संचालित चाय नाश्ते की दुकान सहित दो कच्चे मकानों को गिरा दिया गया।
कार्रवाई के दौरान अतिक्रमणकारी परिवार के सदस्यों ने कई बार विरोध किया। महिलाएं और बच्चे जेसीबी मशीन के सामने आ गए।जससे कुछ समय के लिए तनाव की स्थिति बनी। मौके पर मौजूद अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने लोगों को समझाइश दी। जिसके बाद कार्रवाई पूरी की गई।
पीडि़त भज्जू के पुत्र कोमल कुशवाहा और ब्रजकिशोर कुशवाहा ने आरोप लगाया कि उक्त भूमि को लेकर मामला सिविल कोर्ट में विचाराधीन है। उन्होंने बताया कि तहसील कार्यालय द्वारा 7 जनवरी को अतिक्रमण हटाने का नोटिस दिया गया और 8 जनवरी को कार्रवाई कर दी गई। उनका कहना है कि जब वे तहसील कार्यालय में कोर्ट में लंबित प्रकरण की जानकारी देने पहुंचे, तो तहसीलदार द्वारा उनका आवेदन स्वीकार नहीं किया गया।
परिजनों के अनुसार 6 जुलाई 2023 को हल्का पटवारी द्वारा जारी कुल भूमि प्रमाण पत्र में उनके पिता भज्जू कुशवाहा के नाम कोई अन्य भूमि दर्ज नहीं है। परिवार का कहना है कि यही उनकी एकमात्र जमीन थी और कार्रवाई में तीन मकान, फ सल, बाड़ी बांगड़ एवं दुकान पूरी तरह नष्ट कर दी गई। अब केवल एक मकान शेष है। जिसमें 12 सदस्यों का परिवार रह रहा है। पशुओं को बांधने की भी जगह नहीं बची है।
कार्रवाई के बाद कस्बे में चर्चा का विषय बना रहा कि अतिक्रमण विरोधी अभियान की शुरुआत सबसे पहले एक गरीब परिवार से की गई। स्थानीय लोगों ने मांग की कि यदि प्रशासन अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई कर रहा है। तो दिगौड़ा कस्बे में मौजूद सभी शासकीय जमीनों से समान रूप से अतिक्रमण हटाया जाए।
Published on:
09 Jan 2026 07:17 pm
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