
Central team leaves after investigating MNREGA works
टीकमगढ़. मनरेगा की जांच करने जिले में पहुंचा चार सदस्यीय केन्द्रीय दल शनिवार को ग्रामीणों के साथ ही मैदान में काम करने वाले उपयंत्री एवं जीआरएस सहित अन्य अधिकारियों को नैतिक रहने की नसीहत देते हुए रवाना हो गया। चार दिन तक चली जांच में वह समझ चुके है कि जिले में मैदानी अमला किस प्रकार से काम कर रहा है। ऐसे में वह कुछ खीझें भी दिखाई दिए।
शनिवार को चौथे दिन ज्वाइंट डायरेक्टर अमरेन्द्र प्रताप सिंह के साथ ही असिस्टेंट डायरेक्ट हिमांशी, कार्य के कार्यक्रम अधिकारी किरन सी एवं सोशल ऑडिट के कार्यक्रम अधिकारी रंजू तुलसी जिला एवं जनपद पंचायत के तमाम अमले के साथ कामों का निरीक्षण करने टीकमगढ़ जनपद की ग्राम पंचायत सुंदरपुर पहुंचे। यहां पर सबसे पहले उन्होंने गोशाला का निरीक्षण किया। गोशाला पर लगे साइन बोर्ड के नियमानुसार बने न होने एवं उस पर पूरे काम की विस्तृत जानकारी न होने पर उन्होंने सब इंजीनियर मनोज बड़कुल को जमकर फटकार लगाई। वहीं उनसे गोशाला की फाइल मंगाई तो वह भी विधिवत नहीं थी। इस पर उन्होंने एई को मौके पर बुलाकर कहा कि इन्हें बताए कि फाइलें किस प्रकार से रखी जाती है।
आप लोग पढ़ते-लिखते नहीं क्या
इसके बाद टीम पास ही बने चरागाह को देखने पहुंची। यहां पर सब इंजीनियर मनोज बड़कुल से पूंछा कि इसमें क्या काम किया है। तो बताया गया कि पत्थर गड्डी कर इसे सुरक्षित किया है और पिछले वर्ष इसमें जानवरों के लिए जवा लगाया था। इस पर उन्होंने सुरक्षा के लिए इतनी अधिक राशि व्यय करने पर फटकार लगाई और पूरे चरागाह का निरीक्षण कर पूंछा कि आप मुझे जवा की एक जड़ ढूंढकर दिखाएं। इस पर सब इंजीनियर बड़कुल यहां-वहां ताकतें दिखाई दिए।
वहीं कुछ ही देर में रोजगार सहायक प्रीतम लोधी वहां पहुंचे तो टीम ने पूंछा कि यहां पर क्या उगाया गया था, तो लोधी ने कहा कि बरसीम लगाई थी। ऐसे में ज्वाइंट डारेक्टर अमरेन्द्र सिंह बोले की आप लोग कितना झूठ बोलेंगे। वहीं उनके पास भी तरीके से फाइले न होने पर उन्होंने सब इंजीनियर बड़कुल से पूंछा कि आप कब से काम कर रहे है तो जबाव मिला कि 8 सालों से। इस पर उन्होंने कहा कि आप लोग कुछ पढ़ते-लिखते नहीं क्या।
पुराने कुओं को बता दिया नया
इसके बाद टीम मनरेगा से बनाए गए कुओं की जांच करने पहुंची तो यहां पर पुराने कुओं को नया बताया जा रहा था। इस पर ज्वाइंट डायरेक्टर अमरेन्द्र प्रताप सिंह एवं शोसल ऑडिट के कार्यक्रम अधिकारी रंजू तुलसी ने जमकर फटकार लगाई। आदिवासी बस्ती में भी कुएं की जगत(चबूतरा) उखड़ गया था और उसमें सीमंट की जगह मिट्टी निकल रही थी। इसके बाद जनपद पंचायत पहुंची टीम ने ग्रामीणों से बात की और मजदूरों से जॉब कार्ड मांगे, लेकिन किसी के पास जाब कार्ड नहीं था। यहां पर भी पंचायत प्रतिनिधियों द्वारा अपने लोगों को भेज दिया गया था। इस पर जेडी अमरेन्द्र प्रताप सिंह ने लोगों को नसीहत दी कि वह दिल्ली से योजना की जानकारी लेने आए है। यह गांव आपका है और काम आपके है। यदि आप अब भी न बोले तो बाद में किसी को शिकायत करने का हक नहीं।
सौंपी अंकेक्षण की रिपोर्ट
वहीं जिला पंचायत के सोशल ऑडिट के डीआरपी कपिल जैन ने पिछले तीन सालों की ऑडिट रिपोर्ट टीम को सौंपी। जिसमें बताया गया है कि वर्ष 2018-19 के संपादित कार्यों में 132 मुद्दे वित्तीय अनियमितता के 1055667 राशि के पाए गए है। इस राशि में से 1032575 रुपए की वसूली और समायोजन कर कार्यों को पूर्ण कराया गया है। इस प्रकार वित्तीय वर्ष 2019-20 में संपादित निर्माण कार्यों में 101 मुद्दे वित्तीय अनियमितता के सामने आए है।
जिसमें 2814278 रुपए की राशि में से 2245706 रुपए की वसूली एवं समायोजन कर कार्य पूर्ण कराए गए है। वहीं 2020-21 में संपादित निर्माण कार्यों का सामाजिक अंकेक्षण किया गया। इसमें वित्तीय 1258733 की वित्तीय अनियमितताओं के 288 मामले आए है और इनकी वसूली की कार्रवाई प्रचलन में है। इस दौरान जिला पंचायत सीइओ एसके मालवीय, जिला कार्यक्रम अधिकारी मनरेगा रजत तिवारी सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
Published on:
17 Sept 2022 08:02 pm
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