
Chandra-eclipse Shri Ramraja Government has no effect
टीकमगढ़..21वीं सदी का सबसे लंबा चंद्रग्रहण आज 27 जुलाई शुक्रवार को आधी रात को लगने जा रहा है। वैसे शुक्रवार दोपहर 2 बजकर 55 मिनट से सूतक लगते ही देश के मंदिरों के कपाट बंद कर दिए जाएंगे।
ग्रहण मध्य रात्रि में 11 बजकर 54 मिनट पर शुरू होगा और इसका मोक्ष काल यानी अंत 28 जुलाई की सुबह 3 बजकर 49 मिनट पर होगा।
लेकिन जिले में राजा राम के रूप में पूजे जाने वाले ओरछा के श्रीरामराजा जहां शाम की आरती के समय 8 बजे भक्तो को दर्शन दे,वहीं टीकमगढ़ के नजरबाग के श्रीरामराजा पर सूतक के साये से दूर रहेगें।
जिसे लेकर मंदिर के पुजारी का तर्क है कि यहां के राम बालक स्वरूप में है और शास्त्रों में बालको को ग्रहण के सूतक से दूर रखा गया है।
बालक है हमारे राम
नगर के नजरबाग मंदिर के पुजारी सुरेन्द्र मोहन द्विवेदी कहते है कि ओरछा स्टेट के दौरान सैकडों वर्ष पुराने मंदिर में भगवान राम को बाल स्वरूप में माना जाता है।
राम जन्म से लेकर श्रीराम विवाह के आयोजन भी पंरपरा के अनुसार होते है। किसी भी तरह के ग्रहण के समय शास्त्रो में विधान है कि बालक,रोगी और वृद्व को सूतक के नियमों से देर रखा जाए।
केवल एक पहर पहले ही सूतक लागू होगा। उनका कहना था कि जब मनुष्य अपने बालकों को सूतक में भोजन देता है तो हमारे भगवान क्यों भूखे रहे। जिसके कारण 3 बजे से लगने वाले सूतक के बाद भी शाम को ने केवल मंदिर खोला जाएगा।
आरती और ब्यारी के बाद करीब 9 बजे मंदिर के कपाट बंद कर दिए जाएगें।
अद्भुत है नजरबाग मंदिर
ओरछा स्टेट की महारानी लड़ई सरकार में मंदिर का निर्माण करीब 400 वर्ष पहले कराया था। यह मंदिर केवल पुष्य नक्षत्र में ही बनाया गया है।
जिसके कारण यह 9 वर्ष में तैयार किया गया था। 111 फीट ऊंचें मंदिर 81 फीट लंबा और 81 फीट चौडा है।
ओरछा में भी होगी आरती
विश्व में राजा के रूप में पूजे जाने वाले ओरछा के श्रीरामराजा सरकार भी बाल स्वरूप में विराजे है,यहां भी सूतक होने के बाद शाम 8 बजे आरती के समय मंदिर के पट खोले जाएगें।
मंदिर के पुजारी रमाकांतशरण महाराज ने बताया कि आरती के बाद कुछ समय तक दर्शन के बाद कपाट बंद किए जाएगें।
यहां बंद रहेगें कपाट
चंद्रग्रहण आज 27 जुलाई को दोपहर बाद श्रीबदरीनाथ एवं केदारनाथ मंदिर बंद रहेगे। श्री बदरीनाथ और केदारनाथ मंदिर समिति के अनुसार बदरीनाथ और केदारनाथ चंद्र ग्रहण के सूतक काल से पहले 27 जुलाई को दिन में 12 बजकर 30 मिनट एवं श्री केदारनाथ मंदिर दिन में 2 बजकर 54 मिनट पर बंद हो जायेगे ।
जिसके बाद यह मंदिर शनिवार सुबह निर्धारित समय पर ही खुलेगें। सदी के सबसे बड़े चंद्रग्रहण का आरंभ रात्रि 11 बजकर 54 मिनट पर हो रहा है। ग्रहण काल 3 बजकर 49 मिनट तक रहेगा।
ग्रहण के मोक्ष का है महत्व
आज इस साल का यह दूसरा पूर्ण चंद्रग्रहण है। इससे पहले 31 जनवरी को पूर्ण चंद्रग्रहण लगा था। 27 जुलाई को आषाढ पूर्णिमा है।
इस पूर्णिमा का धार्मिक दृष्टि से काफ ी महत्व है क्योंकि इसी दिन महर्षि व्यास का जन्म हुआ था इसलिए इस दिन को गुरु पूर्णिमा के रूप में मनाया जाता है। इसके अगले दिन से श्रावण मास शुरू हो रहा है।
श्रावण मास का पहला स्नान ग्रहण मोक्ष में होगा जो बहुत ही शुभ है।
Published on:
27 Jul 2018 02:16 pm
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