
परिवर्तन संसार का नियम है: कथाव्यास
ओरछा.जिजौरा हनुमान मंदिर पर चल रहे बुन्देलखंड महोत्सव के पांचवें दिन भागवत कथा में कृष्ण जन्म के प्रसंग एवं बाल लीला का वाचन किया गया। महोत्सव के पांचवे दिन भागवताचार्य रमाकांत महाराज ने कथा के माध्यम से श्रीकृष्ण जन्म एवं बाल लीला का वाचन करते हुए कहा कि भगवान श्रीकृष्ण ने जन्म लेते ही कर्म का चयन किया। बाल कृष्ण ने जन्म के छठे दिन ही शकटासुर का वध कर दिया। सातवें दिन पूतना को मौत की नींद सुला दिया।
तीन महीने के थे तो व्योमासुर को मारा। प्रभु ने बाल्यकाल में ही कालिया वध किया और सात वर्ष की आयु में गोवर्धन पर्वत को उठाकर इंद्र के अभिमान को चूर-चूर किया। प्रत्येक व्यक्ति को कर्म के माध्यम से जीवन में अग्रसर रहना चाहिए। कथा व्यास रमाकांत महाराज ने कहा कि श्रीमद्भागवत कथा साक्षात भगवान श्रीकृष्ण का दर्शन है। यह कथा बड़े भाग्य से सुनने को मिलती है ,इसलिए जब भी समय मिले ,कथा में सुनाए गए प्रसंगों को सुनकर अपने जीवन में आत्मसात करें। इससे मन को शांति भी मिलेगी और कल्याण होगा। कलयुग में केवल कृष्ण का नाम ही आधार है जो भवसागर से पार लगाते हैं। परमात्मा को केवल भक्ति और श्रद्धा से पाया जा सकता है।
उन्होंने कहा कि परिवर्तन इस संसार का नियम है यह संसार परिवर्तनशील है। जिस प्रकार एक वृक्ष से पुराने पत्ते गिरने पर नए पत्तों का जन्म होता है। इसी प्रकार मनुष्य अपना पुराना शरीर त्यागकर नया शरीर धारण करता है।
यह रहे मौजूद:कथा में रामदास जी महाराज ददरौआ सरकार महंत ,खडेश्वरी महाराज महोनी की माता भिंड ,पूर्व विधायक दीपक यादव,पूर्व विधायक डमडम महाराज, पूर्व विधायिका अनिता सुनील नायक, प्रदेश मंत्री भाजपा रामनरेश तिवारी,शिशुपाल यादव पृथ्वीपुर, ,अर्जुन यादव ,एसडीओपी अशोक घनघोरिया ओमप्रकाश रावत पृथ्वीपुर सहित श्रोतागण उपस्थित रहे। कथा के आखिर में आयोजन के संयोजक अमित राय ने सभी अतिथियों को शॉल श्रीफल भेंटकर सम्मान किया।
कार्यक्रम के छठवें दिन 28 नवंबर को दिव्यांग कलाकार उमेश वैद्य और संगीत कलाकारों द्वारा मोनिया नृत्य प्रस्तुत किया जाएगा। महोत्सव के सप्तम दिवस 29 नवंबर को दीप शिखा दतिया के कलाकारों द्वारा लाला हरदौल नाटक का मंचन किया जाएगा।
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Published on:
28 Nov 2019 10:00 am
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