
टीकमगढ़। कार्यालय जिला पंचायत।
टीकमगढ़. मनरेगा में 67 पैसे प्रतिदिन के हिसाब से मजदूरी भुगतान के संबंध में प्रशासन ने नाराजगी जाहिर की। कलेक्टर के निर्देशन पर जिला पंचायत सीईओ नवीत कुमार धुर्वे ने इस मामले में नोटिस जारी किए है। मनरेगा के सहायक यंत्री एवं उपयंत्री को नोटिस जारी कर तीन दिन में जवाब तलब किया है। साथ ही इसे काम में लापरवाही एवं स्वेच्छाचारिता बताया है।
मनरेगा योजना में जिले में जमकर लापरवाही की जा रही है। कामों में भ्रष्टाचार से लेकर अब पोर्टल पर मजदूरी दर्ज करने में भी अधिकारियों द्वारा लापरवाही सामने आने लगी है। इसे लेकर पत्रिका ने 5 फरवरी के अंक में खबर को प्रमुखता से प्रकाशित किया था। खबर प्रकाशन के बाद कलेक्टर विवेक श्रोत्रिय ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए कार्रवाई के निर्देश दिए गए थे। इस पर जिला पंचायत सीईओ नवीत कुमार धुर्वे ने इस मामले में टीकमगढ़ मनरेगा के सहायक यंत्री एसके अग्रवाल एवं उपयंत्री जगदीश प्रसाद साहू को नोटिस जारी किए है। जिला पंचायत सीईओ धुर्वे ने इसे शासकीय कार्य में लापरवाही, अनुशासनहीनता एवं स्वेच्छाचारिता बताते हुए शासकीय नियमों की अनदेखी बताया है। ऐसे में उन्होंने तीन दिन के अंदर अधिकारियों से जवाब प्रस्तत करने के निर्देश दिए है।
टीकमगढ़ जनपद की ग्राम पंचायत भैरा में मनरेगा योजना के तहत खखरी का निर्माण किया जा रहा है। इस काम में पंचायत द्वारा 10 मजदूरों को लगाया गया है। सात दिन बाद जब पोर्टल पर इनकी मजदूरी दर्ज की गई तो उपयंत्री ने सभी मजदूरों को 67 पैसे प्रतिदिन के हिसाब से 4.69 रुपए का भुगतान कर दिया। यह भुगतान मिलने पर जहां मजदूरों ने आपत्ति दर्ज कराई थी तो सरपंच संघ ने भी इसे लापरवाही बताते हुए कमीशन का खेल बताया था। मामला सामने आने के बाद अब जिला पंचायत ने इस मामले की जांच शुरू कर दी है।
Updated on:
6 Mar 2025, 11:29 AM IST
Published on:
6 Mar 2025, 11:29 AM IST
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