
Dozens of cases of Excise Act made on innocent people and family members
टीकमगढ़.जिले में अवैध शराब का कारोबार विभाग के फील्ड अधिकारियों की बजह से दिनों-दिन बढ़ता ही जा रहा है। लेकिन आबकारी विभाग के उपनिरीक्षक दोषियों को छोड़ निर्दोषों पर ३४ दो के केस दर्जकर जेल भेज रहा है। ऐसे ही मामले एक दर्जन से अधिक सामने आए है। ऐसे कई केस को अबखरों की सूखिया भी बने रहे है। जिसके कारण आबकारी अधिकारी विभाग के नियमों को छोड़ शराब ठेकेदारों के नियमों पर ही कार्रवाई करना उचित मान रहे है।
जिले में अग्रेजी और देशी शराब की ९७ दुकानें है। इन दोनों प्रकार की दुकानों पर दोनों ही प्रकार की शराब बिक्री नियम विरूद्ध की जा रही है। इसके साथ ही ठेकेदारों द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों में अवैध रूप से अंग्रेजी और देशी शराब का बिक्रय खुले आम किया जा रहा है। जिस पर न तो आबकारी विभाग द्वारा कार्रवाई की जा रही और न ही पुलिस द्वारा मामले दर्ज किए जा रहे है। लेकिन आबकारी विभाग के अधिकारी केसों का लक्ष्य पूरा करने के लिए शराब पीने वाले लोगों पर ही मामला दर्जकर ३४ दो के मामलों में केस दर्ज करने में सक्रिय दिखाई दे रहे है। जो लोग महीनों पहले अवैध शराब का काम छोड़ चुके है। उन्हें आबकारी एक्ट में षडय़ंत की राजनीति के चलते झूठे मामलों में फंसाने की धमकी दी जा रही है। ऐसे कई दोषियों ने केस दर्ज करने वाले अधिकारियों के प्रतिवेदन की जांच कर कार्रवाई की मांग की है।
आबकारी टीम ऐसे बनाते है मामले
महीनें में के सों को बनाने का लक्ष्य पूरा करने के लिए आबकारी टीम छापामार के लिए निकलती है। २-४ और १० से १५ क्वाटर रखने वाले को गिरफ्तार कर विभाग में बैठा देते है। इसके बाद विभाग और सरक ारी दुकान से शराब उठाकर जब्ति की शराब दर्शा देते है। शराब जब्त का प्रतिवेदन बनाकर आरोपी को डरा धमकाकर हस्ताक्षर करवा लेते है। इसके साथ उस पर ३४ दो का मामला दर्जकरवा देते है।
इन गांवों में बिक्रय होने वाली शराब पर नहीं होती कार्रवाई
शराब ठेकेदारों द्वारा दिन और रात सरकारी दुकान से देशी और अग्रेजी शराब की सफ्लाई की जा रही है। जिसकी जानकारी आबकारी विभाग अधिकारियों पूर्ण तरीके से है। शराब ठेकेदारों द्वारा नैनवारी, समर्रा, अजनौर, सापौन, अंतौरा, पठा, माडूमर, धजरई, मवई, मजना, सरकनपुर, सिजौरा, मनपसार, भेलसी, बल्देवगढ़, नयाखेरा, मानिकपुरा, महाराजपुरा, बोरी ,कुण्डेवर सहित दर्जनों गांवों में अवैध शराब की बिक्री की जा रही है। लेकिन इन स्थानों पर ठेकेदारों के कारण आबकारी अधिकारी पहुंच नहीं पा रहे है।
केस-१
कुडीला थाना क्षेत्र के मजरा रमपुरा निवासी पुष्पेंद्र पुत्र रिक्का लोधी को आबकारी विभाग के उपनिरीक्षक की टीम ने एक वर्ष पूर्व एक शराब की पेटी के साथ गिरफ्तार किया था। लेकिन आबकारी उपनिरीक्षक ने उसको ३४ लीटर शराब का केस बनाकर जेल भिजवा दिया था।
केस-२
सिजौरा निवासी रवि पुत्र मनप्यारे अहिरवार और भूपेंद्र पुत्र रामचरण अहिरवार ने बताया कि सुजानपुरा से सरकनपुर की ओर दो माह पूर्व बाइक के बेग में शराब के २४ क्वाटर रखकर घर की ओर जा रहा था। रास्ते में मुखबिर की सूचना पर टीकमगढ़ आबकारी टीम द्वारा पकड़ा गया था। लेकिन इस टीम ने ७० लीटर ओपी और ९५ लीटर शराब का केस दर्जकर दोनों को जेल भेज दिया था। जबकि भूपेंद्र दिल्ली से मजदूरी करके वापस घर की ओर जा रहा था।
केस-३
एडवोकेट मनोहर लाल लोधी ने बताया कि एक वर्ष पूर्व धजरई निवासी महेंद्र पुत्र नंदराम लोधी को ६ माह पूर्व और चंदन पुत्र लल्लू लोधी को ६ से ७ क्वाटर लिए पकड़ा था। लेकिन आबकारी उपनिरीक्षक द्वारा कई लीटर शराब को रखकर जबरन प्रतिवेदन पर बगेर पढ़े हस्ताक्षर करवा कर ३४ दो का केस दर्जकर जेल भेज दिया है।
केस-४
जसबंत नगर निवासी मनोहर लोधी और बम्हौरीकलां के रवि प्रजापति द्वारा शराब का काम कई महीनों पहले छोड़ दिया गया है। इसके बाद भी लगातार आबकारी एक्ट में फंसाने की धमकी दी जा रही है। जिसकी शिकायत जतारा एसडीओपी को दी गई है।
फैक्ट फाइल
जिले में अंग्रेजी शराब की कुल दुकानें - १८
जिले में अंग्रेजी शराब की कुल दुकानें - ७९
एक वर्ष की कुल कार्रवाई - ९६५
जेल जाने वाले आबकारी एक्ट के कुल आरोपी - ३६
जब्त की गई देशी और अंग्रेजी की कुल अवैध शराब - ३४५३२ लीटर
जब्त किया गया कुल महूआ लहान - ३१३१६२ किलो ग्राम
जब्त की गए समान की कुल राशि - ७१२२६१३ रुपए
इनका कहना
विभाग के अधिकारियों द्वारा फर्जी मामले बनाए गए है। आवेदकों की शिकायतों पर जांच की जाएगी। अगर मामले गलत पाए जाते है तो मामला दर्ज करने वालों पर कठोर कार्रवाई की जाएगी।
राघवेंद्र सिंह बुंदेला सहायक आबकारी अधिकारी टीकमगढ़।
Published on:
04 Jun 2019 08:00 am
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