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जल संसाधन विभाग की लापरवाही से किसानों दिसंबर तक भी नहीं मिला सिंचाई का पानी

टीकमगढ़ जल संसाधन विभाग की मनमानी और लापरवाही का खामियाजा इस बार किसानों को भुगतना पड़ रहा है। दिसंबर महीना चल रहा है। लेकिन अब तक बान सुजारा सिस्टम से किसानों के खेतों तक पानी नहीं पहुंच पाया है। खेतों तक आने वाली पाइप लाइनें जगह जगह से टूटी और जर्जर पड़ी है जिनसे पानी […]

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टूटी पड़ी पाइप लाइन और बॉक्स, सुनने का तैयार नहीं अधिकारी

टूटी पड़ी पाइप लाइन और बॉक्स, सुनने का तैयार नहीं अधिकारी

टीकमगढ़ जल संसाधन विभाग की मनमानी और लापरवाही का खामियाजा इस बार किसानों को भुगतना पड़ रहा है। दिसंबर महीना चल रहा है। लेकिन अब तक बान सुजारा सिस्टम से किसानों के खेतों तक पानी नहीं पहुंच पाया है। खेतों तक आने वाली पाइप लाइनें जगह जगह से टूटी और जर्जर पड़ी है जिनसे पानी रास्ते में ही बहकर बर्बाद हो रहा है।

किसानों का कहना कि सिंचाई की सबसे ज्यादा जरूरत नवंबर के मध्य में थी, लेकिन उस समय भी पानी नहीं छोड़ा गया। लगातार मांग और शिकायतों के बाद भी विभाग ने अब तक पाइप लाइन ठीक कराने और समय पर पानी उपलब्ध कराने की कोई ठोस कार्रवाई नहीं की है। परेशान किसान अब अपनी फ सल बचाने के लिए कुएं और ट्यूब वेल का सहारा लेने को मजबूर है। जिससे उनकी लागत और बढ़ रही है। किसानों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही बान सुजारा से पानी सप्लाई बहाल नहीं हुई, तो वे आंदोलन के लिए मजबूर होंगे।

पलेरा और जतारा तहसील क्षेत्र में नहीं पहुंचा पानी

नवंबर के बीच में सुजारा बांध की नहर को शुरू किया गया था। नहर के माध्यम से सिंचाई का पानी रमपुरा तालाब में छोड़ा गया। इसके बाद पाइप लाइनों के माध्यम से खेतों तक पहुंच गया, लेकिन पर्याप्त रफ्तार से पानी नहीं आ रहा है किसानों ने सिंचाई की पूर्ति के लिए पादप लाइन सुधार की मांग की है।

जगह-जगह टूटी पाइप लाइन, सप्लाई की रफ्तार हुई धीमी

खरगापुर के रमपुरा तालाब से खरगापुर, पलेरा और जतारा तहसील क्षेत्र में पाइप लाइन के माध्यम से खेतों तक पानी पहुंचाया जा रहा है। लेकिन इसदो साल तक तो सिंचाई का पानी रफ्तार से गया। इसके बाद धीमी गति से पहुंचने लगा है। किसानों का कहना था कि पाइप लाइन कई स्थानों पर टूटी पड़ी है। इसका इस बार सुधार कार्य नहीं किया गया है। जिसके कारण किसानों को कुआं और ट्यूब बेल का सहारा लेने लगे है।

बम्होरीकलां नहीं पहुंचा पानी

बहदुरपुरा निवासी किसान कल्याण सिंह चंदेल, बम्होरीकलां निवासी किसान भज्जू घोष, चऊदे रजक ने बताया कि इस बार खाद और पानी के लिए किसानों को संघर्ष करना पड़ रहा है। आज तक बम्होरीकलां और अन्य गांव में पानी नहीं आया है। जबकि दिसंबर का महीना आधा बीतने को है। मामले में किसानों द्वारा शिकायतें भी की जा रही है, लेकिन कार्रवाई नहीं की जा रही है।

आज से बम्होरीकलां, लार, आलमपुरा के साथ अन्य गांव की ओर पानी छोड़ा जा रहा है। पहला पानी लगभग पूरा होने वाला है। जहां-जहां पाइप लाइनों का सुधार कार्य किया जा रहा है। वहां का मरम्मत कार्य किया जाएगा।

रजनीश तिवारी, एसडीओ, सुजारा बांध परियोजना टीकमगढ़।