
Even after that, grains are coming in the market, traders are buying, penalty deducted for protesting
टीकमगढ़. व्यापारियों की मांगों पर कृषि उपज मंडी १० दिनों से बंद है लेकिन किसानों ने मंडी में अनाज लाना बंद नहीं किया। अनाज की खरीददारी भी की जा रही है, यह कौन कर रहा है, जिसकी जानकारी मंडी प्रबंधन को है। उन्होंने संबंधित व्यापारी पर पेनाल्टी भी लगाई है, लेकिन मंडी बंद से फुटकर हम्माल और तुलावटों की समस्याएं बढ गई है। हालांकि मंडी में रैकों का उठना चालू है।
बुधवार की दोपहर १२.१५ बजे पत्रिका ने कृषि उपज मंडी के शेड़ों और मैदान का भ्रमण किया। मैदान तो खाली पड़े थे, लेकिन शेड़ों के नीचे हजारों क्विंटल अनाज के रैक लगे हुए थे। यह रैक व्यापारियों के बताए गए है। जहां शेड़ खाली थे उनमें उड़द, गेहूं और सोयाबीन के ढेर नीलाम होने के लिए लगे थे। व्यापारी और किसान आपस में चर्चा कर रहे थे। हम्माल और तुलावटों को काम नहीं मिलने से एक जगह बैठकर बंद मंडी खुलने की बात कर रहे थे। आपस में चर्चा कर रहे थे कि मंडी बंद है, लेकिन यह भी तय है कि जो शेड़ों के नीचे अनाज के डेर लगे है। उनकी नीलामी शाम जरूरी होगी। जिसमें मंडी प्रबंधन ने अनाज के लगे डेरों की नीलामी कराई, लेकिन व्यापारी संघ ने उस कार्य पर रोक लगा दी है।
मंडी के बाहर और अंदर अनाज से भरे खड़े थे वाहन
दोपहर १२:४५ बजे मंडी मैदान से बाहर आए तो मंडी द्वार के अंदर और बाहर अनाज से भरे वाहन लाइनों में खड़े थे। उन वाहनों के पास मील व्यापारी, फुटकर दुकानदार संबंधित किसान के पास चक्कर लगा रहे थे। कई अनाज के भाव फिक्स कर रहे थे कि उड़द ५००० से लेकर ८०० हजार रुपए क्विंटल खरीदे जा रहे है। पहले दिन ही १०२०० रुपए क्विंटल उड़द बिक गया है। कई व्यापारी तो किसानों को अपनी मील और दुकान का पता तक बता रहे थे।
शेड़ों के नीचे रखा व्यापारियों की अनाज
मंडी मैदान में किसानों को अनाज रखने के लिए टीन शेड बनाए गए है, लेकिन उनमें व्यापारियों का अनाज रखा है। बुधवार की दोपहर में दो शेड़ों का अनाज ट्रकों में भरा जा रहा था। बाहर और फुटकर हम्माल रैक को उठाने का कार्य कर रहे थे। खास बात यह है कि मंडी तो बंद रही, लेकिन काम किसी का नहीं रूका है।
१० दिनों से नहीं मिला काम
हम्माल और तुलावट जुगल, डबले, अली हसन, इदरीश खान, अंसार खान ने बताया कि व्यापारियों की मांगों को लेकर १० दिनों से कृषि उपज मंडी बंद है। प्रतिदिन सुबह से मंडी में आ जाते है, लेकिन काम नहीं मिल रहा है। जिसके कारण आर्थिक तंगी सताने लगी है। हम लोग किसान और व्यापारियों के भरोसे ही रहते है। जितना मंडी में काम आया, उतना ही काम हम लोगों को मिलेगा। अब मंडी खुलने का इंतजार कर रहे है।
४ सिंतबर से मंडी बंद
हम्माल और तुलावटों का कहना था कि व्यापारियों की मांगों को लेकर ४ सितंबर से मंडी बंद है। जिसमें मंडी को तो लाखों का नुकसान हो रहा है। इसके साथ ही हजारों लोगों को काम नहीं मिलने से उनके सामने रोजी रोटी का संकट खड़ा हो गया है। किसान भी सस्ते दामों में उपज बेच रहे है।
इनका कहना
मंडी व्यापारियों की ११ मांगों को लेकर कृषि उपज मंडी ४ सितंबर से बंद है। बीच में कुछ व्यापारियों द्वारा किसानों से अनाज खरीदा था, ऐसे दो व्यापारियों पर पेनाल्टी भी लगाई है। आज मंडी कमेटी ने ढेर लगे अनाज की नीलामी की है। दो दिनों में मंडी खुलने की संभावना है। उसी को लेकर बैठक आयोजित की जा रही है।
राजेश साहू, अध्यक्ष, मंडी व्यापारी संघ टीकमगढ़।
मंडी में खरीदी प्रतिदिन हो रही है। जिन व्यापारियों ने अनाज खरीदा है, उन पर मंडी प्रबंधन ने कोई पेनाल्टी नहीं लगाई है। व्यापारी संघ की ओर से जरूरी लगाई गई होगी। मंडी खोलने की चर्चा जारी है। शेड़ों में जिन व्यापारियों का अनाज रखा है, उसे जल्द ही खाली कराया जाएगा।
बहादूर सिंह परमार, सचिव कृषि उपज मंडी टीकमगढ़।
Published on:
13 Sept 2023 05:21 pm

बड़ी खबरें
View Allटीकमगढ़
मध्य प्रदेश न्यूज़
ट्रेंडिंग
