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ग्राम पर्यटन कुण्डेश्वर धाम बनने के बाद भी सौंदर्यीकरण में रूकावट, अतिक्रमण की चपेट में मंदिर मेला मैदान

अतिक्रमण की चपेट में मंदिर का रास्ता

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अतिक्रमण की चपेट में मंदिर का रास्ता

अतिक्रमण की चपेट में मंदिर का रास्ता

तहसीलदार के आदेश के बाद नहीं हट पाए टपरा, दर्शनाथियों को हो रही समस्याएं

टीकमगढ़. कुण्डेश्वर धाम को ग्राम पर्यटन विकास का दर्जा वर्षों पहले मिल गया है, लेकिन सुंदरता आज भी बदरंग दिखाई दे रही है। वहां के विकास कार्यों में करोड़ों रुपए खर्च किए गए है। स्थाई पक्की दुकानों के लिए जगह आवंटित है। उसके बावजूद अस्थाई दुकानेंं लगाने वाले दुकानदारों ने स्थाई कब्जा करके मंदिर मेला मैदान की जमीन पर कब्जा कर लिया है। जबकि उसे हटाने के लिए तहसीलदार द्वारा आदेश भी किए गए है।
स्थानीय लोगों ने बताया कि शिव धाम कुण्डेश्वर मंदिर मैदान १० एकड में फैला है। उस मैदान में ग्राम पर्यटन विकास योजना से निर्माण कार्य कराए गए है। जिसमें सीसी, पार्क, जमडार नदी घाट, मंच और भवन भी निर्माण है। उसके बावजूद स्थानीय लोगों के साथ अस्थाई दुकानदारों ने स्थाई रूप से मंदिर की जमीन पर कब्जा कर लिया है। अब उन्हें हटाना मंदिर प्रबंधन के साथ प्रशासन के पसीने छूट रहे है।
अस्थाई तौर पर लगाई गई थी दुकानें
स्थानीय लोगों ने बताया कि कु ण्डेश्वर धाम मंदिर के दुसरे द्वार के सामने की गली में शहर और गांव के लोगों ने चूडी, मिठाई, नाश्ता के साथ अन्य प्रकार की सामग्री बेचने के लिए अस्थाई तौर पर दुकान के रूप में टपरा तान लिए थे। उन्हें लगे वर्षों बीत गए है। अब उन्होंने मंदिर की जमीन पर स्थाई कब्जा कर लिया है। वह वहां से हटने के लिए तैयार नहीं है। जिसके कारण मंदिर में जाने वाले दर्शनाथियों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
अतिक्रमण हटाने तहसीलदार ने जारी किए थे आदेश
मंदिर मैदान में लगाई गई अस्थाई दुकानों को हटाने के लिए टीकमगढ़ तहसीलदार ने आदेश जारी किए थे। अतिक्रमण हटाने के लिए मशीनों को लया गया था। प्रशासनिक अमला भी खड़ा कर दिया था। लेकिन विवाद की स्थिति बनने के कारण अतिक्रमण हटाना छोड़ दिया था। अतिक्रमणकारियों को कुछ दिनों का समय दिया गया था। लेकिन स्थिति जस की तस बनी है।
इनका कहना
मंदिर की जमीन में अस्थाई दुकानदारों ने टपरा डालकर कब्जा कर लिया है। उनके लिए ६० से ७० पक्की दुकानों की जगह निश्चित स्थान पर छोड़ दी है। वह नियम अनुसार कार्रवाई करवाकर दुकानें तैयार कर सकते है। जिससे उनके परिवार का भरण पोषण हो सके। वहां पर दुकानें लगी रहने से सुंदरता पर फर्क पड़ रहा है। पहले अतिक्रमण हटाने के आदेश जारी हुए थे। लेकिन विरोध के कारण कार्रवाई नहीं हो पाई है।
नंदकिशोर दीक्षित, मंदिर ट्रस्ट अध्यक्ष कुण्डेश्वर धाम टीकमगढ़।