
टीकमगढ़. डीईओ से चर्चा करते हुए चयनित शिक्षक।
वर्ग एक में 80 शिक्षकों की हुई भर्ती, प्रशिक्षण के बाद कराना था स्कूल में ज्वाइन
टीकमगढ़. शिक्षा विभाग की मनमर्जी से शिक्षक परेशान है। इससे छात्र-छात्राओं की भी पढ़ाई प्रभावित हो रही है। अतिशेष शिक्षकों की काउंसङ्क्षलग से लेकर चल रही शिकवा-शिकायतें नई भर्ती में चयनित किए गए शिक्षकों की ज्वाइंङ्क्षनग तक बनी हुईं हैं।
विदित हो कि डीपीआई द्वारा जिले में वर्ग एक के 80 शिक्षकों का चयन कर ज्वाइङ्क्षनग के लिए भेजा गया है, लेकिन यहां पर जिला शिक्षाधिकारी ने 12 शिक्षकों को ज्वाइन न कराते हुए उन्हें होल्ड पर रख दिया है। इसका स्पष्ट कारण भी नहीं बताया जा रहा है। ऐसे में यह शिक्षक परेशान हो
रहे है।
हाल ही में शिक्षा विभाग द्वारा वर्ग एक के रिजल्ट के बाद जिले में 80 शिक्षकों की पदस्थापना की गई थी। आदेश पर यह सभी शिक्षक जिले में पहुंचते थे और यहां पर इन्हें तीन दिन का प्रशिक्षण दिया गया था। प्रशिक्षण के बाद इन सभी को प्रमाण-पत्र दिए गए और इनमें विभाग द्वारा आवंटित किए गए स्कूल का नाम भी लिखा गया। वहीं ट्रेङ्क्षनग के बाद जब यह शिक्षक संबंधित शाला में ज्वाइन करने के लिए शिक्षा विभाग पहुंचे तो इनमें से 68 शिक्षकों को तो संबंधित स्कूल में भेज दिया गया, लेकिन 12 शिक्षकों को होल्ड पर रख दिया। बताया जा रहा है कि जिन स्कूलों में इन शिक्षकों की पदस्थापना के आदेश दिए गए है, वहां पर पद पहले से भरे हुए है।
विभाग की लापरवाही
इस मामले में लोग विभाग की लापरवाही बता रहे है। बताया जा रहा है कि जिले से डीपीआई को पद रिक्त होने की जो जानकारी दी जाती है, उसी के अनुसार वहां से पदस्थापना की जाती है। अब या तो अतिशेष की काउंसङ्क्षलग में यह पद भरे गए है, या फिर इन पदों पर वर्ग दो के शिक्षक पढ़ा रहे है। ऐसे में विभाग अब मिलीभगत के चलते इन यहां के पर पदस्थ शिक्षकों को हटाने की हिम्मत नहीं कर पा रहा है और नवागत शिक्षकों को होल्ड पर रखा गया है।
ऑफिस में ही कराई ज्वाइङ्क्षनग
शनिवार को ऑफिस पहुंचे इन 12 शिक्षकों की डीईओ आइएल अठ्या ने अपने ऑफिस में ही ज्वाइङ्क्षनग कराई है। उन्होंने एक कर्मचारी रजिस्टर बनाकर इन सभी को ज्वाइंङ्क्षनग कराई है। उनका कहना था कि इस प्रकरण की जानकारी डीपीआई को दे दी है, जबकि शिक्षक इसे गलत बता रहे थे।
नहीं दे रहे स्पष्ट जानकारी
स्कूल में ज्वाइन करने के लिए पहुंचे चयनित शिक्षक सृष्टि श्रीवास्तव का कहना था कि उनका चयन बायोलॉजी विषय के लिए हुआ है। वह अपने विषय में मेरिट सूची में नंबर 1 पर थी। डीपीआईपी द्वारा दिए गए ज्वाइंङ्क्षनग आदेश में उनकी शाला एक्सीलेंस स्कूल बताई गई है, लेकिन डीईओ द्वारा यहां पर पद भरे होने की बात कही जा रही है। यही शिकायत ङ्क्षहदी विषय के शिक्षक किरण रैकवार, संस्कृत के शिक्षक प्रियंका पाठक, रामस्वरूप याद एवं ङ्क्षहदी विषय के शिक्षक संतोष कुमार शर्मा की है। इन सभी को जो स्कूल दिए गए है, वहां पर पद भरे बताए जा रहे है।
इन शिक्षकों को जहां ज्वाइन कराने के लिए आदेशित किया गया है, वहां पर पहले से शिक्षक पदस्थ है। इसकी जानकारी डीपीआई को भेजी गई है। वहां से आगे जो निर्देश मिलेंगे, उसके अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
आइएल अठ्या, डीईओ, टीकमगढ़।
Updated on:
27 Oct 2024 07:06 pm
Published on:
27 Oct 2024 07:05 pm
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